
बेंगलुरू. कर्नाटक में BJP को अपनी सरकार बचाए रखने के लिए विधानसभा के उपचुनाव में 6 सीटों पर जीत हासिल करनी होगी। यदि येदयुरप्पा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार को 6 सीटों पर जीत मिल जाती है तो येदयुरप्पा इस अग्नि परिक्षा को बड़े ही सरलता से पास कर लेंगे। दरअसल 225 सीट वाले कर्नाटक विधानसभा में बहुमत के लिए 112 सीटों का आंकड़ा होना आवश्यक है।
यह है सीटों का अंक गणित
2018 में कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 105 सीटें मिली थी और बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। लेकिन पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए जादूई आंकड़ा नहीं था। दरअसल, राज्य में विधानसभा की 225 सीटें है। जिसमें सरकार बनाने के लिए 112 सीटों का आंकड़ा होना चाहिए। लेकिन बीजेपी के पास कुल 105 सीटें हैं। इसलिए अपनी सरकार को बरकार रखने के लिए मौजूदा 15 सीटों पर हुए उपचुनाव में 6 सीटों पर जीत हासिल करना महत्वपूर्ण है।
इन सीटों पर हुई थी वोटिंग
कर्नाटक के 15 विधानसभा सीटों पर पिछले दिनों वोटिंग हुई थी। जिसमें अठानी, कगवाड़, गोकक, येलापुर, हिरेकेरूर, रानीबेन्नूर, विजयनगर, चिकबेलापुर, के.आर. पुरा, यशवंतपुरा, महालक्ष्मी लेआउट, शिवाजीनगर, होसाकोटे, के.आर. पेटे, हुनसूर सीटों पर हुए वोटिंग के नतीजे सामने आ रहे हैं। इन सब के बीच एक खबर यह भी है कि मुसकी (राइचुर जिला) और आर.आर. नगर (बेंगलुरू) के उपचुनाव पर कर्नाटक उच्च न्यायालय में मई 2018 विधानसभा चुनाव के नतीजे को लेकर दायर मुकदमे की वजह से रोक लगा दी गई है।
12 सीटों पर था कांग्रेस का कब्जा
गठबंधन सरकार के गिरने के बाद राज्य में येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार का गठन हुआ था। जिन 15 सीटों पर विधानसभा के उपचुनाव हुए हैं उनमें से 12 सीटों पर कांग्रेस और तीन पर जद-एस का कब्जा था। उपचुनाव के नतीजे बीजेपी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि बीजेपी सरकार की बहुमत के लिए कम से कम 6 सीटों पर जीत हासिल करना जरूरी है।
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