कर्नाटक विधानसभा चुनाव: कांग्रेस के SDPI से समर्थन लेने पर सोशल मीडिया में भूचाल, जानें लोगों ने कैसे किए रिएक्ट?

Published : May 07, 2023, 03:17 PM ISTUpdated : May 07, 2023, 04:13 PM IST
sonia gandhi

सार

कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस पार्टी का हर दांव उल्टा पड़ता जा रहा है। पहले मेनीफेस्टो में बजरंग दल पर बैन की बात कहकर कांग्रेस मुश्किल में फंसी। अब बैन हो चुकी पीएफआई की राजनैतिक शाखा से समर्थन पर लोग पार्टी पर सवाल उठा रहे हैं।

Karnataka Election Congress Party. कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने कहा कि वे कर्नाटक की एकता और अखंडता तो नहीं टूटने देंगी। उन्होंने बीजेपी पर कई आरोप भी लगाए। लेकिन अब उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस पार्टी ने पहले तो मेनीफेस्टो में बजरंग दल पर बैन लगाने की बात कही, वहीं अब वे बैन हो चुके पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की राजनैतिक शाखा एसडीपीआई से समर्थन के मुद्दे पर चौरफा घिर गई है। सोशल मीडिया पर लोगों ने कांग्रेस पार्टी पर सवालों की बौछार की है।

ट्वीटर यूजर के अन्नामलाई ने लिखा कि कांग्रेस के बयान पर एक यूजर ने लिखा कि कांग्रेस पार्टी, जो कि पहले भी प्रतिबंधित पीएफआई के साथ थी। अब चुनावी लाभ के लिए एसडीपीआई जैसे दलों के साथ है। उन्होंने एसडीपीआई के उस कैंडिडेट को मैदान में उतारा है, जिस पर केंद्रीय जांच एजेंसियों ने मनी लॉड्रिंग के तहत छापेमारी की थी।

 

 

ट्वीटर यूजर आलोक भट्ट ने लिखा कि हाल ही में जो बातें राहुल गांधी ने विदेश जाकर कही, वहीं बातें सोनिया गांधी कर्नाटक में कह रही हैं। कांग्रेस की यही प्रवृत्ति है।

 

 

ट्वीटर यूजर पल्लवी सीटी ने लिखा कि यह कांग्रेस की कैसी राजनीति है। वहीं दूसरे यूजर ने लिखा कि कांग्रेस हमेशा वही काम करती है विभाजनकारी है और समाज में नफरत का बीज बोती है। वहीं दूसरे यूजर ने सवाल किया कि क्या कर्नाटक अब कांग्रेस के लिए संप्रभु है?

 

 

ट्वीटर यूजर वैरागी ने सवाल किया कि कांग्रेस हमेशा वही काम करती है विभाजनकारी है और समाज में नफरत का बीज बोती है। वहीं दूसरे यूजर ने सवाल किया कि क्या कर्नाटक अब कांग्रेस के लिए संप्रभु है?

 

 

कांग्रेस के बयान पर सोशल मीडिया रिएक्शन

कांग्रेस के बयान पर एक यूजर ने लिखा कि कांग्रेस पार्टी, जो कि पहले भी प्रतिबंधित पीएफआई के साथ थी। अब चुनावी लाभ के लिए एसडीपीआई जैसे दलों के साथ है। उन्होंने एसडीपीआई के उस कैंडिडेट को मैदान में उतारा है, जिस पर केंद्रीय जांच एजेंसियों ने मनी लॉड्रिंग के तहत छापेमारी की थी। यह कांग्रेस की कैसी राजनीति है। वहीं दूसरे यूजर ने लिखा कि कांग्रेस हमेशा वही काम करती है विभाजनकारी है और समाज में नफरत का बीज बोती है। वहीं दूसरे यूजर ने सवाल किया कि क्या कर्नाटक अब कांग्रेस के लिए संप्रभु है? कांग्रेस अब भारत को फिर से बांटना चाहती है? हाल ही में जो बातें राहुल गांधी ने विदेश जाकर कही, वहीं बातें सोनिया गांधी कर्नाटक में कह रही हैं।

यूजर अखिलेश मिश्रा ने कहा कि सॉवरेन और सॉवरेन्टी शब्द का उपयोग करने की यह खतरनाक प्रवृत्ति भारत विरोधी है और इसका पुरजोर विरोध किया जाना चाहिए।

 

 

 

प्रतिबंधिक पीएफआई की पॉलिटिकल शाखा है एसडीपीआई

कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी ने जनसभा के दौरान कहा था कि हम एसडीपीआई से समर्थन लेंगे। जानकारी के लिए बता दें कि यह पीएफआई की राजनीतिक शाखा है। एक यूजर ने कांग्रेस का मजाक बनाते हुए कहा कि कांग्रेस कह रही है कि हम मिशन 2047 में पीएफआई की मदद करेंगे। बीजेपी के प्रवक्ताओं ने भी कांग्रेस की विभाजनकारी रणनीति को लेकर सवाल किया है। सोशल मीडिया पर इसके विरोध में कई पोस्ट जारी किए गए हैं।

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