
बेंगलुरु. कोरोना महामारी पिछले पांच महीनों से दुनिया भर के लिए आफत का सबब बना हुआ है। इससे निपटने के लिए कई देश वैक्सीन को तैयार करने में जुटे हुए हैं। ऐसे में कर्नाटक के एक 85 साल के किसान ने अपने गांव में चल रही पानी की बड़ी समस्या को सुलझा दिया है, जिसके लिए पीएम मोदी ने उसकी जमकर तारीफ की थी। अब वही किसान कोरोना संक्रमित पाया गया है। इसकी जानकारी किसान के बेटे ने मीडिया से शेयर की है।
बेटे ने बताया पिता को थी ये समस्या
कर्नाटक के किसान कमेगोवड़ा के बेटे ने पिता को लेकर कहा कि वो अस्थमा के मरीज थे और उन्हें सांस लेने में काफी समस्या हो रही थी। उन्हें सोमवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था और मंगलवार को उनका कोरोना टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। कमेगोवड़ा का गांव दसानाडोड्डी मंड्या से 27 किमी दूर है और बेंगलुरु के साउथवेस्ट से 120 किमी की दूर पर है। किसान के बेटे कृष्ण ने आगे की जानकारी देते हुए कहा कि जिला अस्पताल से उसके पिता के लिए एंबुलेंस भेजी गई थी, जिससे उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया और वहां पर एडमिट कर लिया गया। वहां भर्ती करने से पहले हर मरीज का कोरोना टेस्ट होना जरूरी था, स्पेशली बूढ़े लोगों का। कृष्णा ने कहा कि घर के बाकी लोगों के भी कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल ले लिए गए हैं और उन्हें होम क्वारंटीन के लिए सलाह दी है और रिपोर्ट आने का इंतजार करने के लिए बोला गया है।
डेप्यूटी कमिश्नर ने भी कही ये बात
मंड्या के डेप्यूटी कमिश्नर एम.वी. वेंक्टेश ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 85 वर्षिय किसान ट्रीटमेंट के बाद अच्छा रिस्पांस कर रहे हैं और उन्होंने आशा जताई कि वो जल्द ही ठीक होकर घर लौट जाएंगे। इसके अलावा, जिला हेल्थकेयर पर्सनल उन लोगों की खोज बीन कर रही है, जो लोग इनके परिवार के साथ संपर्क में आए थे।
पीएम मोदी ने 'मन की बात' में की थी किसान की तारीफ
पिछले महीने में पीएम मोदी ने 'मन की बात' प्रोग्राम 28 जून को किसान कमेगोवड़ा की तारीफ की थी। पीएम ने कहा था कि साउथवेस्ट समेत देश के कई हिस्सों में मानसून आ गया है और सभी को ये आदत में बना लेना चाहिए कि हर कोई इस बारिश के पानी का संरक्षण करे। इससे पर्यायवरण भी सुरक्षित होगा। मोदी ने इस दौरान कमेगोवड़ा का उदाहरण देते हुए कहा कि वोो कर्नाटक में पानी की समस्या से निपटने के लिए ये काम 80 साल की उम्र से भी ज्यादा के होकर कर सकते हैं तो बाकी के लोग क्यों नहीं?
पीएम मोदी किसान की मेहनत की सराहना करते हुए कहते हैं कि कमेगोवड़ा ने अपने गांव में 16 तालाब अपनी अकेले की मेहनत से खोदे हैं। वो एक आम किसान हैं लेकिन उनका व्यक्तित्व असाधारण है। जो काम उन्होंने अकेले कर दिखाया वो सभी के सामने एक उदाहरण और प्रेरणा काम करता है। कमेगोवड़ा से जब तालाब की गहराई को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अगर इसमें पानी भर जाता है तो और भी तालाब खोदेंगे। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा कमेगोवड़ा को 2019 में राज्योत्सव अवॉर्ड से नवाजा गया था।
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