
बेंगलुरु। शहरी परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने वाली ऐप आधारिक एग्रीगेटर्स ओला, उबर और रैपिडो की ऑटो रिक्शा सेवा को तीन दिनों में बंद करने का आदेश दिया गया है। अधिक फेयर वसूलने के आरोप में मिली सैकड़ों शिकायतों के बाद राज्य सरकार ने कंपनियों पर यह कार्रवाई की है। आरोप है कि यह कंपनियां, परिवहन विभाग द्वारा तय किए गए किराया से कई गुना अधिक वसूलती थीं। इसकी आए दिन यात्री शिकायत कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद परिवहन विभाग ने एग्रीगेटर कंपनियों को नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों में सेवाएं बंद करने का निर्देश दिया है। परिवहन विभाग ने कई गुना अधिक शुल्क वसूलने को पूरी तरह से अवैध बताया है।
क्या की गई थीं शिकायतें?
दरअसल, बेंगलुरू में लोगों ने ओला और उबर एग्रीगेट को दो किलोमीटर से कम की दूरी का किराया भी कई गुना अधिक वसूलने का आरोप लगाया था। परिवहन विभाग को मिली शिकायत के अनुसार, ओला और उबर एग्रीगेटर दो किलोमीटर से कम की दूरी का किराया भी कम से कम 100 रुपये चार्ज करती हैं। जबकि शहर में ऑटो का तय किराया दो किलोमीटर का अधिकतम 30 रुपये है। दो किलोमीटर के बाद प्रत्येक किलोमीटर का अधिकतम प्रति किलोमीटर 15 रुपये तय किया गया है। लेकिन ओला या उबर या अन्य कई ऐप आधारित एग्रीगेटर इसका पालन नहीं करते थे।
क्या कहा परिवहन आयुक्त ने?
कर्नाटक के परिवहन आयुक्त टीएचएम कुमार ने बताया कि राज्य के ऑन-डिमांड ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी एग्रीगेटर्स नियम इन कंपनियों को ऑटो-रिक्शा सेवाएं चलाने की अनुमति नहीं देते हैं। इन कंपनियों को केवल टैक्सियों के संचालन का अधिकार है। आयुक्त ने नोटिस जारी कर कहा कि एग्रीगेटर सरकारी नियमों के उल्लंघन में ऑटोरिक्शा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने के साथ ही कस्टमर्स से अधिक शुल्क वसूला जा रहा है जबकि हर रूट और दूरी के लिए सरकार ने एक टैरिफ तय किया है। सरकार के आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में इन कंपनियों को तीन दिनों में सभी ऑटो सर्विस बंद करने का आदेश दिया गया है। आदेश का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएग।
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