
Karnataka withdraw National Education Policy: कर्नाटक सरकार ने 2021 में लागू की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को वापस लेने का ऐलान किया है। कांग्रेस सरकार के इस निर्णय पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आलोचना की है। 2021 में लागू एनईपी (NEP) को वापस करने के निर्णय पर प्रधान ने कहा कि शिक्षा को प्रगति के लिए प्रोत्साहन देना चाहिए न कि इसे राजनीतिक खेलों का मोहरा बनाया जाना चाहिए।
हमारी शिक्षा प्रणाली को डेवलपमेंट की जरूरत
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीटर पर राज्य की कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (National Education Policy 2020) को वापस लेने के कर्नाटक के मुख्यमंत्री के राजनीतिक रूप से प्रेरित फैसले से निराश हूं। हमारी शिक्षा प्रणाली को विकास की जरूरत है, न कि पीछे जाने की। कर्नाटक ऐसे नेतृत्व का हकदार है जो प्रगति को महत्व देता है न कि क्षुद्र राजनीति को। आइए छात्रों को पहले रखें और क्षुद्र राजनीति बंद करें। शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा कि कर्नाटक को छोटे राजनीतिक लोगों की जरूरत नहीं बल्कि बड़ी प्राथमिकताओं पर ध्यान देने वाले नेताओं की आवश्यकता है।
कर्नाटक सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को वापस ले लिया
दरअसल, कर्नाटक में सिद्धारमैया के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी है। सिद्धारमैया के बागड़ोर संभालने के साथ ही बीजेपी सरकार के पूर्व में किए गए फैसलों को कांग्रेस सरकार ने बदल दिया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को वापस लेने का ऐलान कर दिया है। सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश के संविधान के साथ असंगत है। परिणामस्वरूप, इसे अगले वर्ष से वापस ले लिया जाएगा। देश भर में बेहद कम जगहों पर लागू होने के बाद भी पिछली बीजेपी सरकार ने इसे लागू किया था। उन्होंने बीजेपी पर संविधान के खिलाफ होने और पक्षपातपूर्ण विचारधाराओं का समर्थन करने का आरोप लगाया।
यह भी पढ़ें:
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.