
बेंगलुरू। शिवमोगा में रविवार रात बजरंग दल के 26 साल के कार्यकर्ता हर्ष की हत्या (Bajrang Dal Activist Murder) के बाद से शिवमोगा में तनाव (Tension in Shivamogga) है। हर्ष की मौत के बाद से अंतिम संस्कार तक कई बार हिंसक झड़पें हुईं। पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। पूरा इलाका छावनी में तब्दील है। इस बीच पुलिस ने घटना से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। शहर में धारा 144 लागू है। गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने बताया कि हमने पुलिस अधिकारियों को स्थिति का विश्लेषण करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया है। दो-तीन दिन हालात पर विशेष ध्यान रखना होगा। इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किए जाने का दावा किया गया है। मंत्री ने कहा कि शुरुआती पूछताछ में 5 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है।
अंतिम यात्रा में आक्रोशित हुई भीड़, गाड़ियां फूंकी, घर-दुकानों पर पथराव
जब परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे थे तो बड़ी संख्या में लोग साथ चल रहे थे। इस दौरान भीड़ आक्रोशित हो गई। लोगों ने दुकानों और घरों पर पथराव शुरू कर दिया। सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को जलाया गया। पुलिस ने कई जगहों पर भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और बल प्रयोग किया। शिवमोगा में धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। शिवमोगा के सीगेहट्टी इलाके में अधिक हिंसा हुई है। शहर में दो दिनों के लिए स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
NIA को सौंपी जा सकती है जांच
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने कहा कि बजरंग दल के कार्यकर्ता की हत्या 'साजिश' के तहत की गई है। यदि आवश्यक हो तो मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी जा सकती है। इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए। सरकार को इस मामले में गंभीरता से जांच करनी चाहिए, क्योंकि ऐसी स्थिति प्रतिक्रिया को ट्रिगर कर सकती है। वहीं, केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को पत्र लिखकर मामले की जांच एनआईए से कराने की मांग की है।
सीएम ने कहा– जांच में पुख्ता सबूत मिले
घटना को लेकर बात करते हुए कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई (Basavraj Bommai) ने कहा कि मामले की जांच शुरू हो गई है। कुछ पुख्ता सबूत मिले हैं। हत्यारों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने और कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की है।
शिवमोगा में 1,200 पुलिसकर्मी तैनात
राज्य के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने बताया कि घटना के बाद से शिवमोगा के हिंसा प्रभावित इलाके में 1,200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की टुकड़ी भी लगाई गई है। दोपहर में अंतिम संस्कार के वक्त हुई हिंसा के बाद बेंगलुरू से 200 और पुलिसकर्मी भेजे गए। एसपी और आला अधिकारी इलाके में पैनी निगाह बनाए हुए हैं।
सिद्धारमैया ने कहा– इस्तीफा दें गृह मंत्री
इस घटना के बाद कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र के इस्तीफे की मांग की। सिद्धारमैया ने कहा किकांग्रेस अहिंसा में विश्वास करती है। दोषियों को तुरंत सजा मिलनी चाहिए। उधर, श्री राम सेना ने पीपुल्स फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। हिजाब मुद्दे को तूल देने में पीएफआई का ही हाथ होने का आरोप लगाया गया है।
मंत्री बोले- मुस्लिम गुंडों ने की हत्या, गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे
हत्या के बाद मांड्या सांसद सुमलता अंबरीश ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। कुछ लोगों का समूह जनता को भड़का रहा है। हालांकि, सरकार स्थिति को नियंत्रण में करने की कोशिश कर रही है। कर्नाटक के मंत्री नारायण गौड़ा ने कहा कि मुझे घटना की जानकारी डीसी और एसपी से मिली है। मैंने सीएम और गृह मंत्री से मुद्दे को लेकर बात की है। अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्देश दिए हैं। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पंचायती राज मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने कहा कि बजरंग दल के कार्यकर्ता की हत्या से बहुत आहत हूं। उसकी हत्या 'मुसलमान गुंडों' ने की है। उन्होंने बताया कि वह खुद शिवमोगा जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि गुंडागर्दी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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डीके शिवकुमार बोले- ईश्वरप्पा के खिलाफ केस दर्ज हो
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक सरकार के मंत्री ईश्वरप्पा को पद से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने इस हत्या के हिजाब विवाद से जुड़े होने की किसी भी अटकल को भी खारिज कर दिया। शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने कहा- मुझपर आरोप लगाया गया है मैंने बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या के लिए 'मुस्लिम गुंडों' को उकसाया। उनके खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए।
हिजाब के खिलाफ हर्षा ने लिखा था FB पोस्ट
कर्नाटक के उडुपी से शुरू हुए हिजाब विवाद को लेकर फेसबुक पर पोस्ट करने पर हर्षा की हत्या कर दी गई थी। मामला रविवार रात करीब 9 बजे का है। 26 साल के हर्षा पर चाकू से हमला किया गया था। हर्षा ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर हिजाब के खिलाफ पोस्ट लिखी थी। उसने भगवा शॉल का समर्थन किया था। दरअसल, हिजाब विवाद के शुरू से ही कर्नाटक में बजरंग दल सक्रिय है।
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