
नई दिल्ली. देश में जारी कोरोना संकट के बीच संक्रमण के शिकार लोगों की जिंदगी बचाने के लिए डॉक्टर, नर्स और मेडिकल स्टाफ की टीम फ्रंटलाइन पर खड़े होकर युद्ध लड़ रहे हैं। कोरोना के खिलाफ छिड़े इस जंग में डॉक्टर और नर्स 12-12 घंटे से अधिक ड्यूटी कर रहे हैं। इसके साथ ही कई-कई दिन बीत जा रहे हैं कि वह अपने घर नहीं जा पा रहे हैं। इन सब के बीच कर्नाटक के शिवमोगा के एक अस्पताल में काम करने वाली नर्स ने मानवता की मिशाल पेश की है। नर्स के हौसले, जज्बे और जुनून को हर कोई सलाम कर रह है। दरअसल, यह महिला नर्स कुछ दिनों में मां बनने वाली है बावजूद इसके वह संक्रमित मरीजों की देखभाल में दिन रात जुटी हुई है।
प्रेग्नेंसी के 9 वें महीने में भी कर रहीं काम
रूपा प्रवीण राव नामक महिला जल्द ही मां बनने वाली हैं लेकिन अपनी प्रेग्नेंसी के 9वें महीने में भी वह मरीजों की सेवा करने में लगी हुई है।
रूपा प्रवीण राव गजानुरू गांव में रहती हैं और 9 महीने की गर्भवति हैं। वह जयाचमाराजेंद्र सरकारी अस्पताल में नर्स हैं। वह रोज अपने मरीजों का इलाज करने के लिए तीर्थहल्ली तालुक तक सफर करती हैं।
रोज 6 घंटे करती हैं काम
एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए रूपा ने कहा, ''तालुक अस्पताल कई गांव से घिरा हुआ है और लोगों को हमारी जरूरत है। मेरे सीनियर्स ने मुझे छुट्टी लेने के लिए कहा था लेकिन मैं लोगों की मदद करना चाह रही हूं। मैं रोज 6 घंटे की शिफ्ट करती हूं।'' रूपा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने भी उन्हें फोन किया था और उनके समर्पण की सराहना की थी। साथ ही उन्हें आराम करने का सुझाव भी दिया था।
देश में कोरोना का हाल
देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 71 हजार के पार पहुंच गई है। जबकि अब तक 2310 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि 23 हजार से अधिक संक्रमित ठीक हो चुके हैं। देश का महाराष्ट्र राज्य सबसे अधिक प्रभावित है। यहां संक्रमित मरीजों की संख्या 23 हजार 401 है। जबकि कर्नाटक में संक्रमित मरीजों की संख्या 904 हो गई है। यहां अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है। इस दौरान 426 लोग ठीक भी हुए हैं।
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