
तिरुवनंतपुरम. केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथला की तरफ से पेश प्रस्ताव पर चर्चा नहीं होगी, जिसमें राष्ट्रपति से मांग की गई है कि संशोधित नागरिकता कानून पर रूख को लेकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को वापस बुलाया जाए। यह जानकारी सूत्रों ने दी।
विपक्ष ने प्रस्ताव पर चर्चा के लिए समय मांगा था
सदन की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) के समक्ष यह मामला शुक्रवार को आया और निर्णय किया गया कि मामले पर चर्चा नहीं होगी। विधानसभा के सूत्रों ने पीटीआई से कहा, ‘‘विपक्ष ने प्रस्ताव की विषय वस्तु पर चर्चा के लिए समय की मांग की थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘बीएसी इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि विधानसभा के संक्षिप्त सत्र के कारण मामले पर चर्चा के लिए समय की कमी है।’’ सूत्रों ने कहा कि सरकार बहस की विषय वस्तु पर राजी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बहस नहीं होगी। प्रस्ताव में राज्यपाल को ‘‘लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन करने और विधायिका के गौरव पर सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े करने के लिए’’ वापस बुलाने की मांग की गई थी। कानून मंत्री ए. के. बालन ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार केवल नियमों के मुताबिक चलना चाहती है और संविधान की भावनाओं के खिलाफ नहीं जाना चाहती है। विधानसभा अध्यक्ष पी. श्रीरामकृष्णन ने पहले कहा था कि यूडीएफ का प्रस्ताव कानून के तहत स्वीकार्य है और बीएसी में चर्चा के बाद इस पर अंतिम निर्णय किया जाएगा।
विपक्ष बीएसी से एकबार और चर्चा की मांग करेगा
चेन्नीथला ने कहा कि वह बीएसी में एक बार और मामले पर चर्चा किए जाने की मांग करेंगे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि सरकार का निर्णय राज्य के लोगों को चुनौती है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर इस सरकार ने लोगों की भावनाओं का सम्मान किया होता तो इसने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दे दी होती।’’ चेन्नीथला ने राज्यपाल पर आरोप लगाए थे कि उन्होंने राज्य विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से सीएए के खिलाफ पारित प्रस्ताव को चुनौती दी थी।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है। )
(फाइल फोटो )
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