
Kerala Universities Vice Chancellors issue: केरल के नौ विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से राज्यपाल द्वारा इस्तीफा मांगे जाने के मामले में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। केरल हाईकोर्ट ने कहा कि राज्यपाल का फाइनल आदेश आने तक कुलपति अपने पद पर बने रह सकते हैं। दरअसल, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राज्य के सभी नौ कुलपतियों से सोमवार तक इस्तीफा मांगा था। लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी कुलपतियों ने जब इस्तीफा नहीं दिया तो उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उधर, कुलपतियों ने हाईकोर्ट में राज्यपाल के आदेश को चैलेंज किया था।
इस्तीफा देने से इनकार किया कुलपतियों ने...
राज्य के सभी नौ कुलपतियों ने इस्तीफा देने से इनकार किया है। राज्यपाल के आदेश के खिलाफ इन कुलपतियों ने हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया है। सोमवार की शाम को याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि चूंकि, राज्यपाल ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है इसलिए अभी फाइनल डिसीजन आने तक कुलपति अपना इस्तीफा नहीं देंगे और पद पर बनें रहेंगे।
हाईकोर्ट में सुनवाई के पहले राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने प्रेस वार्ता में बताया कि कुलपतियों ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है इसलिए उनके खिलाफ शो कॉज नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि कुलपतियों से इस्तीफा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मांगा गया था क्योंकि सर्च कमेटी में नियुक्ति में अनियमितता और यूजीसी के नियमों की अनदेखी की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सबको कारण बताओ नोटिस जारी कर यह पूछा गया है कि इस्तीफा नहीं देने के बाद क्यों नहीं आपकी नियुक्ति को शून्य कर दिया जाए। इस्तीफा के सवाल पर आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि उन्होंने केवल कुलपतियों से एक सम्मानजनक रास्ता सुझाया था क्योंकि मैंने किसी को बर्खास्त नहीं किया है।
मुख्यमंत्री विजयन ने राज्यपाल के खिलाफ खोला मोर्चा
राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से इस्तीफा मांगे जाने के मामले में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पर निशाना साधते हुए कहा कि उनको कोई अधिकार नहीं है किसी का इस्तीफा मांगने का। अगर कुलपतियों की नियुक्ति अवैध है तो इसके लिए राज्यपाल को जिम्मेदारी लेनी चाहिए क्योंकि उनके द्वारा ही कुलपति की नियुक्ति की जाती है। Read this story...
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