
कोझिकोड। एक तरह जहां पूरे देश में हिजाब के नाम पर धार्मिक उन्माद चल रहा है। धर्म के नाम पर मॉब लिंचिंग हो रही हैं। उसी वक्त केरल राज्य से एक खूबसूरत वाक्या धर्म की सबसे बेहतरीन शिक्षा देता है। केरल में पूजे जाने वाले एक हिंदू देवता का संदेश धर्म के नाम पर लड़ाई, मारकाट करने वालों के लिए एक सबक है। एक वीडियो में मुथप्पन देवता (Muthapan) एक मुस्लिम महिला के आंसू पोछते हुए कहते हैं कि क्या आपको लगता है कि आप धर्म से भिन्न हैं? वह मुस्लिम महिला के दु:ख बांटते हुए धार्मिक सहिष्णुता और एकता का संदेश भी देते हैं।
धर्म के नाम पर लड़ने वालों को संदेश...
दरअसल, मुत्तपन (Muttapan) केरल के कन्नूर, कासरगोड, कोझीकोड, मालापुरम क्षेत्र में आमतौर पर पूजे जाने वाले देवता हैं। मुथप्पन को दो हिंदू देवताओं - थिरुवप्पन (Thiruvappan) या वालिया मुत्तपन (Valiya Muttapan) (विष्णु) और वेल्लाटम या चेरिया मुत्तपन (शिव) के अवतार के रूप में माना जाता है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो देवता मुत्तपन की शिक्षाओं और उनके करूणावतार को प्रदर्शित किया गया है।
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वीडियो में देवता मुथप्पन कहते हैं कि मस्जिद, चर्च और मंदिर अलग-अलग नहीं हैं। वह एक रो रही मुस्लिम महिला से पूछते हैं कि क्या आपको लगता है कि मैं जाति और धर्म के मामले में अलग हूं...। वह यह कहते हुए उसके आंसू पोछते हुए दिखाई देते है कि मुथप्पन उसके दुख और कठिनाइयों को सुख और खुशमय जीवन में बदल देगा।
कुछ सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, देवता मुत्तपन का प्रदर्शन करने वाले व्यक्ति सानी पेरुवन्नन हैं, जो थेय्यम की रस्म निभाने वाली पेरुवन्नन जाति से संबंधित हैं। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि धार्मिक संघर्ष के इस समय में ऐसी जगहें उम्मीद और सुकून देती हैं। मुत्तपन देवता का संदेश हर धर्म के लोगों के लिए हैं जो उन्माद में मानवता तक को भूल जाते हैं।
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