
तिरुपति। आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने तिरुपति मंदिर (Tirupati Temple) में प्रसाद के रूप में मिलने वाले लड्डू के बारे में सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने कहा है कि इसमें पशुओं की चर्बी का इस्तेमाल होता है। आइए तिरुपति मंदिर में किस तरह लड्डू तैयार किए जाते हैं इसके बारे में जानते हैं।
तिरुपति के मंदिर का नाम तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर है। मंदिर का प्रबंधन तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) द्वारा किया जाता है। TTD के लोग ही लड्डू तैयार करते हैं। मंदिर की रसोई में सिर्फ TTD के कर्मचारी लड्डू बना सकते हैं। रसोई को लड्डू पोटू कहा जाता है।
करीब 620 रसोइये बनाते हैं लड्डू
रसोई तिरुमाला मंदिर के संपंगी प्रदक्षिणम के अंदर है। इसमें तीन कन्वेयर बेल्ट लगे हैं। इनका इस्तेमाल रसोई में सामग्री ले जाने और तैयार लड्डुओं को बेचने के लिए बनाए गए काउंटर तक लाने के लिए किया जाता है। करीब 620 रसोइये लड्डू बनाते हैं। इनमें से 150 TTD के नियमित कर्मचारी हैं। 350 से अधिक कॉन्ट्रैक्ट पर काम करते हैं।
रोज खर्च होता है 10 टन बेसन
तिरुमाला मंदिर के लड्डू बनाने की रेसिपी मंदिर के अधिकारियों के पास है। वे इसे शेयर नहीं करते। अधिकारी बारीकी से इस बात का ध्यान रखते हैं कि लड्डू रेसिपी के अनुसार ही तैयार हो। इसके बनावट या स्वाद में अंतर नहीं आए। लड्डू बनाने में बेसन, घी, चीनी, काजू, बादाम, इलायची जैसी सामग्री इस्तेमाल होती है।
लड्डू तैयार करने के लिए रोज लगभग 10 टन बेसन, 10 टन चीनी, 700 किलोग्राम काजू, 150 किलोग्राम इलायची, 300-500 लीटर घी, 500 किलोग्राम मिश्री और 540 किलोग्राम किशमिश का इस्तेमाल होता है।
रोज तैयार होते हैं 2.8 लाख लड्डू
TTD ने 2022 में लड्डू बनाने की प्रक्रिया को पूरी तरह से स्वचालित करने की योजना की घोषणा की। इसके लिए जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और स्विटजरलैंड से 50 करोड़ रुपए की मशीनरी आयात की जाएगी। इससे उत्पादन को वर्तमान में प्रतिदिन 2.8 लाख लड्डू से बढ़ाकर 6 लाख लड्डू किया जा सकेगा।
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