
नेशनल न्यूज। कोलकाता में डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर की घटना के बाद से साथी चिकित्सक हड़ताल पर हैं। बंगाल सरकार ने चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर पांच साल पहले वादा किया था। कहा था कि अस्पतालों में महिला डॉक्टर और कर्मचारियों की सेफ्टी के लिए लेडी गार्ड्स की तैनाती और रिस्ट्रिक्टेड एंट्रेंस देने की बात कही थी। 9 अगस्त को महिला डॉक्टर के साथ हुई घटना के बाद से नाराज डॉक्टरों ने पश्चिम बंगाल सरकार के झूठे वादों की पोल खोली है। डॉक्टर्स ने अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा कि यह आश्चर्य है कि मरीज बिना रोकटोक ही तीसरी मंजिल पर रेस्ट रूम तक पहुंच जा रहे हैं।
रात तीन बजे दो अजनबियों ने जगाया
आरजी कर अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पीजी ट्रेनी डॉक्टर श्रेया शॉ ने बताया कि अस्पतालों में सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है। एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि देर रात करीब 3 बजे एक बार वह अपने टॉयलेट रूम में सो रही थीं जिसमें ताले नहीं थे तब दो अनजाम लोग उन्हें हिलाकर जगा रहे थे। मैं अंधेरे में उन्हें देखकर शुरू में काफी डर गई थी लेकिन हैरत ये है कि तीसरी मंजिल पर वह बिना रोकटोक के आ कैसे गए।
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बिना ताले वाले लेक्चर हॉल में सोई थी डॉक्टर
साथी जूनियर डॉक्टर ने बताया कि पीड़िता 36 घंटे की शिफ्ट करने के बाद लेक्चर हॉल में ही सो रही थी। हॉल को लॉक करने के लिए ताले भी नहीं थे। यह भी बताया कि डॉक्टर्स के लिए बने ब्रेक रूम का एयरकंडीशन भी खराब था जिस वजह से वह लेक्चर हॉल में सो गई थीं।
2015 में पश्चिम बंगाल नेप्रभावी सुरक्षा उपकरण और सिस्टम बनाने, अस्पताल परिसर में एंट्री-एग्जिट के नियम और हमला किए गए कर्मचारियों के लिए मुआवजा नीति भी तय की थी। साथी डॉक्टर रिया बेरा ने कहा कि सरकार ने अस्पतालों में सुरक्षा को लेकर किए वादे पूरे किए होती तो शायद आज ये दिन नहीं देखने को मिलता।
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