
नई दिल्ली: मुंबई-लखनऊ उड़ान में पत्रकार अर्णब गोस्वामी को कथित तौर पर परेशान करने के लिए इंडिगो द्वारा हास्य कलाकार कुणाल कामरा पर छह महीने के लिए रोक लगाये जाने के कुछ दिन बाद कामरा ने एयरलाइन को कानूनी नोटिस भेजकर बिना शर्त माफी मांगने, रोक हटाने और 25 लाख रुपये हर्जाने की मांग की है।
एयरलाइन को शुक्रवार को भेजे नोटिस में कामरा के वकील ने एयरलाइन से कहा, ‘‘मेरे मुवक्किल को मानसिक पीड़ा और आघात’ पहुंचाने और इसके साथ ही भारत और विदेश में उनके प्रस्तावित कार्यक्रमों के रद्द होने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें 25 लाख रुपये के हर्जाने का भुगतान करें। एयरलाइन की यह कार्रवाई पूरी तरह से अवैध, मनमानी और डीजीसीए सीएआर (विनियमों) के खिलाफ है।’’
इंडिगो ने कहा उचित जवाब देगी
इंडिगो ने एक बयान में कहा, ‘‘कंपनी इस मामले में मिलने वाले किसी कानूनी नोटिस का उचित जवाब देगी।’’उल्लेखनीय है कि मंगलवार को इंडिगो की मुंबई-लखनऊ उड़ान में पत्रकार अर्णब गोस्वामी को कथित तौर पर परेशान करने के लिए कामरा पर एयरलाइन ने हवाई सफर करने पर छह महीने की रोक लगा दी थी।
स्पाइसजेट, गोएयर और एयर इंडिया ने भी बिना किसी अवधि को निर्दिष्ट किए कामरा पर इस तरह का प्रतिबंध लगा दिया था। उड्डयन नियामक डीजीसीए ने जहां एक ओर बुधवार को कहा कि चारों एयरलाइन कंपनियों का कदम उसके विनियमों के ‘‘पूरी तरह से अनुरूप’’ है, वहीं मुम्बई..लखनऊ उड़ान के ‘पायलट इन कमांड’ ने बृहस्पतिवार को इंडिगो प्रबंधन से कहा कि कामरा का व्यवहार ‘‘अशालीन’’ था लेकिन ‘‘अनियंत्रित’’ नहीं था।
इंडिगो को एक सप्ताह का समय
कामरा ने इंडिगो को विधिक नोटिस का जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। कामरा के अधिवक्ता प्रशांत शिवरंजन ने इंडिगो के सीईओ रोंजॉय दत्त को भेजे कानूनी नोटिस में कहा कि गोस्वामी ने न तो कोई शिकायत की और न ही उड़ान के दौरान किसी भी समय चालक दल के सदस्यों से हस्तक्षेप की मांग ही की।
शिवरंजन ने कहा कि कामरा को इस रोक के बारे में जानकारी एयरलाइन द्वारा ट्विटर पर मंगलवार रात को किये गए ट्वीट से मिली। शिवरंजन ने कहा, ‘‘अगले दिन मेरे मुवक्किल को आपके उपभोक्ता जनसम्पर्क टीम से एक ईमेल मिला जिसमें छह महीने की रोक के बारे में आधिकारिक रूप से जानकारी दी गई।’’
पायलट इन कमांड ने कोई शिकायत नहीं की
उड्डयन नियामक डीजीसीए के 2017 नियमों के अनुसार यदि कोई यात्री किसी अनियंत्रित व्यवहार में लिप्त होता है तो एयरलाइन के ‘पायलट इन कमांड’ को एक शिकायत देनी होगी और तभी मामले की जांच एयरलाइन की आंतरिक समिति कर सकती है और जांच के निष्कर्ष के आधार पर दंडात्मक कार्रवाई कर सकती है।
शिवरंजन ने कहा कि कामरा के अनुसार ‘पायलट इन कमांड’ ने उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं की है और विनियमों के अनुसार उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। 2017 डीजीसीए विनियमों के अनुसार मौखिक रूप से दुर्व्यवहार करने वाले यात्री को ‘‘स्तर एक’’ अनियंत्रित यात्री करार दिया जाता है और एयरलाइन की आंतरिक समिति उस पर अधिकतम तीन महीने का प्रतिबंध लगा सकती है।
अधिकतम तीन महीने की रोक लगायी जा सकती है
शिवरंजन ने कहा कि यदि कामरा आंतरिक समिति द्वारा दोषी भी पाये जाते हैं तो अधिकतम तीन महीने की रोक लगायी जा सकती है। शिवरंजन ने 10 पृष्ठों के विधिक नोटिस के अंत में इंडिगो से कामरा के इंडिगो एयरलाइंस उड़ान में यात्रा करने पर लगी छह महीने की रोक तत्काल प्रभाव से समाप्त करने को कहा है।
कामरा द्वारा मांगे गए 25 लाख रुपये के हर्जाने के अलावा शिवरंजन ने एयरलाइन से कहा कि वह ‘‘वर्तमान विधिक नोटिस के खर्च के एवज में एक लाख रुपये का भी भुगतान करे।’’
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
(फाइल फोटो)
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