
नई दिल्ली. नागरिकता कानून के विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट के वकीलों ने समर्थन में मार्च निकाला। वकीलों ने हाथों में तख्तियां ली थीं, जिनपर लिखा था, "नागरिकता संशोधन अधिनियम किसी भी व्यक्ति चाहे वो किसी भी धर्म का है, की नागरिकता को प्रभावित नहीं करता है।"
"कानून को पहले पढ़े फिर प्रदर्शन करें"
वकीलों ने मार्च के दौरान संदेश दिया कि विरोध प्रदर्शन करने वालों को पहले कानून को पढ़ना चाहिए, फिर प्रदर्शन करना चाहिए। कई लोगों को कानून के बारे में पता ही नहीं है। यह किसी व्यक्ति के अधिकार को नहीं छीनता है।
पूरे देश में हो रहे हैं विरोध प्रदर्शन
नागरिकता कानून के खिलाफ दिल्ली सहित पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। शुक्रवार को जामा मस्जिद पर विरोध प्रदर्शन हुआ। वहीं लखनऊ में हिंसा के बाद अब गोरखपुर. फैजाबाद और बहराइच में पुलिस पर पत्थरबाजी की गई है। अभी तक जो जानकारी सामने आ रही है कि नमाज पढ़ने के बाद प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी।
- लखनऊ में शुक्रवार को हुए हिंसात्मक प्रदर्शन के बाद आज यानी शुक्रवार को पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। जिसके बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 150 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही संभल में हुई हिंसा में सपा सांसद शफीकुर रहमान सहित 20 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कर लिया है।
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