
नई दिल्ली. केन्द्र सरकार ने गुरुवार को राज्य सरकारों से कहा कि 21 दिन के लॉकडाउन के कारण तकलीफों का सामना कर रहे प्रवासी कामगारों को वे भोजन और आश्रय उपलब्ध कराएं।
जो विद्यार्थी छात्रावास में हैं उनकी भी मदद की जाएगी
गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिल श्रीवास्तव ने कहा कि छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थी अपनी सुरक्षा के लिए वहीं रुके रहें। उन्होंने कहा, ‘‘हमने राज्य सरकारों से प्रवासी कामगारों के लिए भोजन और आश्रय की व्यवस्था करने को कहा है। हम सभी को इस लिहाज से संवेदनशील बना रहे हैं कि जो जहां है, वहीं बना रहे। विद्यार्थी छात्रावास में ही बने रहें।’’
लॉकडाउन के कारण प्रवासी कामगार पैदल घर जाने को मजबूर
देश के अलग-अलग कोनों से खबरें आ रही हैं कि लॉकडाउन के कारण परिवहन के साधन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में प्रवासी कामगार अपने-अपने काम की जगहों से पैदल ही घर जाने को निकले हैं और सैकड़ों किलोमीटर लंबी इस यात्रा के दौरान तमाम मुसीबतों का सामना कर रहे हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि केन्द्र सरकार लगातार लगातार हालात पर नजर रख रही है ताकि आवश्यक वस्तुओं की कमी का कोई संकट उत्पन्न ना हो। उन्होंने कहा, ‘‘केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने हालात पर चौबीसों घंटों नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। हम आशा करते हैं कि लगातार निगरानी से लॉकडाउन की अवधि में आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होगी।’’
देश में अब तक संक्रमण से 16 लोगों की मौत हुई है
श्रीवास्तव ने बताया कि राज्यों के बीच माल की आवाजाही में कुछ दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन अब उन्हें दूर कर लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘पूर्वोत्तर जैसे सुदूर इलाकों में दवाएं पहुंचाने के लिए नागर विमानन मंत्रालय चाटर्ड विमान की व्यवस्था कर रहा है।’’ स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, गुरुवार रात आठ बजे तक प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक देश में अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण से 16 लोगों की मौत हुई है जबकि 694 लोग इस वायरस से संक्रमित हैं।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
(फाइल फोटो)
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