
मुंबई. महाराष्ट्र में कंगना रनौत (kangana ranaut) और शिवसेना में चल रहे विवाद के बीच उद्धव ठाकरे ( Uddhav Thackeray) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। हालांकि, उन्होंने कंगना पर बोलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में जो चल रहा है, उस पर बाद में बोलेंगे। हालांकि, उन्होंने कंगना का नाम लिए बिना कहा, मेरी खामोशी को कमजोरी न समझा जाए। इसी बीच कंगना राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलने पहुंचीं।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद कंगना ने कहा, "मेरे साथ जो अन्याय हुआ है उसके बारे में राज्यपाल से बात की। आशा करती हूं मुझे न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा, मैं भाग्यशाली हूं कि उन्होंने मेरी बात एक बेटी की तरह सुनी।'' इससे पहले उद्धव ठाकरे ने कहा, राज्य में राजनीतिक साइक्लोन आते रहेंगे। वे उनका सामना करते रहेंगे। उद्धव ने कोरोना को लेकर अपनी बात रखी।
कंगना के बयान के बाद भड़का विवाद
कंगना ने शिवसेना से धमकी मिलने के बाद मुंबई की तुलना पीओके से की थी। इसके बाद से शिवसेना और कंगना के बीच जुबानी जंग चल रही थी। लेकिन बीएमसी ने 9 सितंबर को कंगना के पाली हिल स्थित मणिकर्णिका फिल्म्स के दफ्तर में तोड़फोड़ की थी। बीएमसी की कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। लेकिन कंगना इसके बाद से लगातार महाराष्ट्र सरकार और उद्धव ठाकरे पर निशाना साध रही हैं।
उद्धव कल तुम्हारा घमंड टूटेगा
बीएमसी की कार्रवाई के बाद कंगना ने एक वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने सीधा उद्धव ठाकरे को चुनौती दी। कंगना ने कहा, उद्धव ठाकरे, तुम्हें क्या लगता है, कि तुमने फिल्म माफियाओं के साथ मिलकर मेरा घर तोड़कर, मुझसे बहुत बड़ा बदला लिया है। आज मेरा घर टूटा है, कल तुम्हारा घमंड टूटेगा। ये वक्त का पहिया है, याद रखना, ये एक जैसा नहीं रहता।
वीडियो शेयर कर साधा निशाना
इसके बाद कंगना ने वीडियो शेयर कर लिखा, बाला साहब ठाकरे मेरे पसंदीदा आइकन्स में से एक थे। उन्हें सबसे बड़ा डर था कि किसी दिन शिवसेना गुटबंधन कर लेगी और कांग्रेस बन जाएगी। कंगना ने पूछा मैंने जानना चाहती हूं कि आज पार्टी की दशा देखकर उन्हें कैसा महसूस हो रहा होगा?
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