
नई दिल्ली: भारत को घेरने के बाद नरम पड़े मालदीव्स के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू 6 अक्टूबर से 5 दिनों के लिए भारत दौरे पर आ रहे हैं. खास बात यह है कि इस दौरे के दौरान उनका सिलिकॉन सिटी बेंगलुरु का भी दौरा तय है. माना जा रहा है कि भारत के साथ बिगड़े रिश्ते सुधारने के लिए मुइज्जू यह दौरा कर रहे हैं, लेकिन जानकारों का मानना है कि चीन समर्थक देश को अपने बातों पर लाने के लिए भारत की कूटनीतिक चतुराई भी इस तरह की मुलाकात का कारण बनी है.
पिछले मार्च में हुए मालदीव्स संसदीय चुनाव के दौरान मुइज्जू ने भारत विरोधी रुख अपनाया था. जीत के बाद उन्होंने अपने देश में मौजूद भारतीय जवानों को देश छोड़ने का अल्टीमेटम दे दिया था. चीन के साथ और अधिक नजदीकियां बढ़ाने पर भारत की नाराजगी का शिकार हुए थे. लेकिन इसके बाद भारतीयों द्वारा चलाए गए 'बॉयकॉट मालदीव्स' अभियान की मार के बाद संभलते हुए मुइज्जू को पर्यटन पर निर्भर अपने देश के लिए भारत कितना जरूरी है यह समझ आ गया.
संबंध सुधार: इस पृष्ठभूमि में रिश्ते सुधारने के लिए वे भारत दौरा कर रहे हैं. इस यात्रा के दौरान मुइज्जू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे. इस दौरे के दौरान वे बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई का दौरा करेंगे.
बैंगलोर क्यों?: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्व रखने वाला शहर है. भारत की सिलिकॉन सिटी होने का गौरव प्राप्त है. तमाम वैश्विक कंपनियों ने यहां डेरा डाल रखा है. भारत की स्टार्टअप राजधानी होने का गौरव भी इसे हासिल है. बेंगलुरु में बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है. भारत का बड़ा व्यापारिक केंद्र बनकर उभर रहा है. मालदीव्स के साथ आर्थिक समझौते की संभावना वाले प्रमुख शहरों में से एक है. इस पृष्ठभूमि में मुइज्जू बेंगलुरु में कई उद्योग सभाओं में भाग ले रहे हैं.
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