
कोलकाता. पश्चिम बंगाल में चुनाव से ठीक पहले सीबीआई की टीम ममता बनर्जी के परिवार के घर पहुंच गई। कोयला घोटाले को लेकर ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा से 1घंटे 40 मिनट तक पूछताछ की। एक दिन पहले यानी सोमवार को रुजिरा की बहन मेनका से सीबीआई ने करीब 4 घंटे तक पूछताछ की थी।
सीबीआई के 8 अधिकारियों ने पूछताछ की
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो महिला अफसरों सहित 8 लोगों की टीम थी। उनके पास करीब 8 पन्नों में सवाल थे, जिसका जवाब रुजिरा को देना था। बता दें कि कोयला घोटाले में पूछताछ के लिए सीबीआई ने रुजिरा को समन भेजा था। जवाब में रुजिरा ने लिखा था कि पूछताछ के लिए सीबीआई उनके घर आ जाए। समय सीबीआई खुद ही तय कर ले। इसके बाद सीबीआई ने रुजिरा की बात मान ली थी।
जांच के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची ममता सरकार
उधर, कोयला केस में सीबीआई जांच के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। कोयला घोटाले में मुख्य आरोपी अनूप माझी की अपील पर राज्य सरकार ने कहा कि सीबीआई को राज्य में इस मामले में जांच का अधिकार नहीं। कोर्ट में दायर हलफनामे में सरकार ने कहा कि इस मामले में राज्य ने मंजूरी दो साल पहले ही वापस ले ली थी। इसके बाद भी सीबीआई अब तक जांच कर रही है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सुनवाई के लिए तैयार हो गया है।
पूछताछ से पहले अभिषेक घर पहुंची ममता
सुबह जब सीबीआई अभिषेक बनर्जी के घर पूछताछ के लिए आने वाली थी, उससे ठीक पहले अचानक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अभिषेक बनर्जी के घर पहुंच गई। वे करीब 10 मिनट तक घर के अंदर रहीं और फिर बाहर आ गईं। बताया जा रहा है कि ममता का आना एक संकेत था। वह बताना चाह रही थीं कि वह अपने परिवार के साथ खड़ी हैं।
क्या है पश्चिम बंगाल का कोयला घोटाला?
पिछले साल नवंबर में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बड़े तस्करी का भंडाफोड़ हुआ। इसमें तस्करी के कथित सरगना इनामुल हक की गिरफ्तारी हुई। तस्करी के तार यूथ तृणमूल कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी नेता विनय मिश्रा तक पहुंचे।31 दिसंबर 2020 को कोलकाता में विनय मिश्रा के खिलाफ पशु तस्करी और अवैध कोयला खनन के मामले में तलाशी अभियान चलाया गया।
विनय के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी हुआ। विनय मिश्रा फरार हो गया। विनय मिश्रा को अभिषेक बनर्जी के करीबी के तौर पर जाना जाता है। सीबीआई को शक है कि कोयला घोटाले से जुड़े कुछ संदिग्ध लेन देन अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा और उनकी बहन के खाते से हो सकते हैं।
ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगा?
पिछले साल सितंबर में कोयला घोटाले की जांच शुरू हुई। भाजपा नेताओं का आरोप है कि कोयला घोटाले से मिले पैसों को टीएमसी के नेताओं ने शेल कंपनियों के जरिए व्हाइट मनी में बदला। इससे सबसे ज्यादा फायदा सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को हुआ। अभिषेक बनर्जी टीएमसी की युवा विंग के अध्यक्ष हैं। विनय मिश्रा उसी युवा विंग के नेता हैं। विनय मिश्रा शुरू से ही कोयला घोटाले के आरोपी हैं।
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