
कोलकाता/नई दिल्ली। चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू करने से कुछ दिन पहले नदिया जिले के कल्याणी में 250 मतदाता पहचान पत्र ले जा रहे एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि बंगाल में 7.6 करोड़ मतदाता हैं। ऐसे में अवैध तरीके से मिले सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कल्याणी में इतने सारे मतदाता पहचान पत्र कैसे पहुंचे, उन्हें वहां कौन लाया और इसके पीछे कौन है। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर हुगली जिले के हिंद मोटर के रहने वाला शख्स ने बताया कि वह नादिया के कल्याणी इलाके में अपनी बहन के घर आया था। उसने दावा किया कि उसे सड़क किनारे झाड़ियों में कुछ वोटर आईडी पड़े मिले, जिन्हें उसने अपने पास रख लिया। कुछ गड़बड़ होने की आशंका पर स्थानीय लोगों ने उस व्यक्ति के बारे में पुलिस को सूचना दी।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बरामद वोटर आईडी कार्ड के बारे में नादिया के कलेक्टर से डिटेल रिपोर्ट मांगी है। भाजपा ने इस घटना को लेकर ममता बनर्जी सरकार की निंदा की। भाजपा विधायक अंबिका रॉय ने दावा किया, "पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव दूर की कौड़ी हो चुका है। ममता बनर्जी के शासन में बूथ कैप्चरिंग और वोट लूटना आम बात हो गई है। जब तक तृणमूल कांग्रेस सत्ता में है, वहां स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं।"
बता दें कि चुनाव आयोग देश भर में चरणबद्ध तरीके से मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ये प्रॉसेस नवंबर में शुरू होने वाली है। पहले चरण में एसआईआर का काम असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल सहित लगभग 10 राज्यों में होगा। आयोग ने इन चुनावी क्षेत्रों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ उनकी तैयारी का आकलन करने के लिए पर्सनल मीटिंग भी की हैं।
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