मणिपुर में फिर हिंसा: कांगपोकपी में हथियारों से लैस विद्रोहियों ने की भारी गोलीबारी, सेना तैनात

Published : Jun 29, 2023, 03:33 PM ISTUpdated : Jun 29, 2023, 03:56 PM IST
Manipur Violence

सार

इंडियन आर्मी ने बताया कि कांगपोकपी जिले में हथियारबंद दंगाईयों ने काफी गोलीबारी की है, हिंसाग्रस्त क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य बल भेजा गया है।

Manipur violence: मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़की है। गुरुवार को हथियारबंद लोगों ने राज्य के कांगपोकपी जिले में भारी गोलीबारी की है। स्थितियां भयावह होने के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। इंडियन आर्मी ने बताया कि कांगपोकपी जिले में हथियारबंद दंगाईयों ने काफी गोलीबारी की है, हिंसाग्रस्त क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य बल भेजा गया है। इस हिंसा में कुछ लोगों के हताहत होने की सूचना है। हालांकि, मरने वालों की संख्या अभी पुष्ट नहीं है।

भारतीय सेना ने बताया कि गुरुवार सुबह कांगपोकपी में हथियारबंद लोगों ने हरओथेल गांव को घेर लिया और गोलीबारी की है। गांव में भीषण तबाही मचाने के लिए आगे बढ़ रहे विद्रोहियों को रोकने के लिए सेना को मदद के लिए बुलाया गया। बिना देर किए पास में तैनात सेना की टुकड़ी पहुंची। हालांकि, रास्ते में सेना को रोकने के लिए गोलीबारी की गई। सेना को किसी क्षति की सूचना नहीं है। सेना ने एक बयान में कहा कि अपुष्ट रिपोर्टों से कुछ लोगों के हताहत होने का संकेत मिला है। इस घटना में बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र थी। स्थितियों पर सेना और अन्य फोर्सेस नजर बनाए हुए है।

3 मई से शुरू हुई हिंसा अभी भी जारी...

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर, मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा में पिछले दो महीने से झुलस रहा है। 3 मई को शुरू हुई हिंसा में हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। आम से खास लोगों तक के आशियाने आगजनी के हवाले हो चुका है। इस हिंसा में कम से कम सवा सौ लोगों की जान जा चुकी है। मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' आयोजित किए जाने के दौरान 3 मई को पहली बार झड़पें शुरू हुईं। इसके बाद से लगातार राज्य में हिंसा हो रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कई दिनों तक राज्य में रहकर शांति के प्रयास कर चुके हैं। इस हिंसा की जांच के लिए कमीशन का भी गठन किया जा चुका है। शांति बहाली के लिए राज्य में दस हजार से अधिक सैन्य बल, अर्धसैनिक बल सहित अन्य सेंट्रल फोर्सेस तैनात हैं। 40 से अधिक आईपीएस अधिकारियों को गृह मंत्रालय ने ग्राउंड पर उतारा है। इसके बावजूद पूर्वोत्तर राज्य में शांति बहाली नहीं हो सकी है। बीते दिनों, अमित शाह की अध्यक्षता में ऑल पार्टी मीटिंग भी मणिपुर हिंसा को लेकर हुई। हालांकि, इस मीटिंग में विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह को हटाने की मांग की है।

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