
MEA Press Briefing: अमेरिका के दावों के इतर मंगलवार को भारत के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि सीज़फायर पर बातचीत पाकिस्तान के डीजीएमओ के कॉल के बाद शुरू हुआ। पाकिस्तान की ओर से बातचीत के लिए रिक्वेस्ट आया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि अभी तक अमेरिका से ट्रेड को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर की पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
भारत ने सोमवार को स्पष्ट कर दिया कि जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) से संबंधित किसी भी मुद्दे को केवल भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय रूप से ही संबोधित किया जा सकता है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की यह नीति वर्षों से चली आ रही है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
जायसवाल ने कहा कि हमारा स्पष्ट रुख है, जम्मू-कश्मीर से संबंधित कोई भी विषय द्विपक्षीय है। केवल भारत और पाकिस्तान इसे सुलझा सकते हैं। और जो एकमात्र बकाया मुद्दा है, वह है – पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए गए कश्मीर (Pakistan-Occupied Kashmir/POK) को खाली कराना।
एक सवाल के जवाब में जायसवाल ने यह भी साफ किया कि ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) की शुरुआत से लेकर 10 मई को सैन्य संघर्ष के शांत होने तक भारत और अमेरिका के नेताओं के बीच केवल सैन्य स्थिति को लेकर बातचीत हुई थी, व्यापार से जुड़ा कोई विषय इनमें शामिल नहीं था।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बयान में कहा था कि उनके प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार की पेशकश करके तनाव को कम करने में भूमिका निभाई। ट्रंप ने कहा था कि हमने भारत और पाकिस्तान को कहा कि अगर आप संघर्ष रोकते हैं, तो हम व्यापार करेंगे, नहीं रोका तो व्यापार नहीं।
पहलगाम आतंकी हमला, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पीओके और पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इसमें सरकार के अनुसार 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।
पाकिस्तान के डीजीएमओ (DGMO) द्वारा भारत से संपर्क करने के बाद, दोनों देशों ने संघर्षविराम (Ceasefire) और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई। यह समझौता 10 मई को प्रभावी हुआ।
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