
नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, हेल्थ वर्कर्स के खिलाफ होने वाले हमलों और उत्पीड़न को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी सुरक्षा के लिए सरकार पूरा संरक्षण देने वाला अध्यादेश जारी करेगी। प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर के बाद ये तुरंत प्रभाव से जारी होगा।
डॉक्टर्स पर हमला रोकने के लिए अध्यादेश
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, इस महामारी में देश को बचाने वाले हेल्थ वर्कर्स और डॉक्टर्स हमलों का सामना कर रहे हैं। उनके खिलाफ हिंसा की कोई भी घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एक अध्यादेश लाया गया है, इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।
गाड़ी या क्लीनिक तोड़ा दो दोगुनी कीमत वसूली जाएगी
अगर डॉक्टर या स्वास्थकर्मी को गंभीर चोट आई तो आरोपी को 6 महीने से 7 साल तक की सजा हो सकती है। उन्हें 1 लाख रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर स्वास्थ्यकर्मी की गाड़ी तोड़ी, क्लीनिक को नुकसान पहुंचाया तो क्षतिग्रस्त संपत्ति का दोगुना बाजार मूल्य का मुआवजा वसूला जाएगा। मोदी सरकार ने पहले ही स्वास्थ्य कर्मियों के 50 लाख के इंश्योरेंस का फैसला किया था।
डॉक्टर पर हमला गैर-जमानती अपराध
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, महामारी रोग अधिनियम 1897 में संशोधन और अध्यादेश लागू किया जाएगा। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला गैर-जमानती होगा। 30 दिनों के भीतर जांच की जाएगी। आरोपी को 3 महीने से 5 साल तक की सजा हो सकती है और 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपए तक पेनाल्टी लगाई जा सकती है। मंगलवार को अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और डॉक्टर्स से बात की थी और उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया।
देश में पहले एक भी कोविड हॉस्पिटल नहीं था अब 723 हैं
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, मोदी सरकार ने पहले ही स्वास्थ्य कर्मियों के 50 लाख के इंश्योरेंस का फैसला किया था। देश में कोई भी कोविड अस्पताल नहीं था और अब 723 नए कोविड अस्पताल हैं।
फ्लाइट ऑपरेशन्स पर कोई निर्णय नहीं
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, फ्लाइट ऑपरेशनों को फिर से शुरू करने पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जैसे ही ये फिर से शुरू होंगी इनकी अनाउसमेंट कर दी जाएगी। उन्होंने कहा, अब हेल्थ ब्रीफिंग हफ्ते में चार दिन होगी और बाकी दिन प्रेस रिलीज या कैबिनेट ब्रीफिंग होगी।
कोरोना के खिलाफ सरकार की तैयारी
प्रकाश जावड़ेकर ने बताया, जब देश में कोरोना का पहला केस आया था, तब हमारे पास कोरोना के इलाज के लिए एक भी हॉस्पिटल नहीं था, लेकिन आज हमारे पास कोरोना से निपटने के लिए 723 हॉस्पिटल बन गए हैं। वहीं 1 लाख 86 हजार आइसोलेशन बेड तैयार हैं। 24 हजार ICU और 12,190 वैंटिलेटर तैयार हैं। 77 घरेलू कंपनियां पीपीई बना रही हैं।
1 करोड़ 88 लाख पीपीई का ऑर्डर दिया गया है। 25 लाख एन-95 मास्क मौजूद हैं।
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