
नई दिल्ली। मोदी सरकार कामकाज बेहतर करने के लिए हर रोज नवाचार कर रही है। इसी के तहत 77 मंत्रियों को 8 समूहों में बांटा गया है। प्रधानमंत्री मोदी (Modi) ने ये फैसला 'चिंतन शिविर' में लिया है। ऐसे कुल 5 सत्र आयोजित किए गए। इन सभी बैठकों का फोकस केंद्र सरकार की कुशलता में सुधार करना और डिलीवरी सिस्टम (System) को मजबूत करने पर था। मंत्रियों के 8 अलग समूह बनाना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। पांच सत्रों में से पहला सत्र- व्यक्तिगत दक्षता (Personal Efficiency), दूसरा- केंद्रीय क्रियान्वयन (Focused Implementation), तीसरा मंत्रालय का कामकाज और हितधारकों के साथ मिल कर काम करना (Ministry Functioning and Stakeholder Engagement), चौथा- पार्टी के साथ तालमेल और प्रभावी संवाद (Party Coordination and Effective Communication) और पांचवां सत्र- संसदीय कामकाज (Parliamentary Practices) को लेकर था।
केंद्रीय मंत्री करेंगे समूह के समन्वय का काम
हर समूह में 9 से 10 मंत्री हैं। एक केंद्रीय मंत्री को समूह समन्वयक बनाया गया है।
स्मृति ईरानी का समूह सभी मंत्रालयों की जानकारी देगा।
मनसुख मांडविया का ग्रुप कार्यालय निगरानी प्रणालियों पर फोकस करेगा।
हरदीप पुरी लर्निंग ग्रुप का नेतृत्व करेंगे।
अनुराग ठाकुर का ग्रुप दूसरों के काम की समीक्षा करेगा।
पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, नरेंद्र सिंह तोमर और प्रल्हाद जोशी के नेतृत्व में अन्य समूह बनाए गए हैं।
समूह करेंगे ये काम
हर मंत्री के कार्यालय में एक पोर्टल विकसित करना है, जो केंद्र की योजनाओं और नीतियों पर अपडेट देगा।
बैठकें निर्धारित करने और पत्राचार का प्रबंधन करने के लिए एक सिस्टम बनेगा।
संबंधित मंत्रियों के किए गए निर्णयों की निगरानी के लिए एक डैशबोर्ड होगा।
मंत्रियों को सभी जिलों, राज्यों और मंत्रालयों के प्रोफाइल बनाने का टास्क दिया गया है।
एक समूह के पास कम से कम तीन युवा पेशेवरों की एक टीम बनाने के लिए मैकेनिज्म स्थापित करने का जिम्मा।
इन युवा पेशेवरों की रिसर्च, कम्युनिकेशन और अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर कमांड होनी चाहिए।
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