'नाै सौ चूहे खाकर, बिल्ली हज को चली!' PM मोदी पर भड़के खरगे, विपक्ष को क्यों रास नहीं आया GST संबोधन?

Published : Sep 21, 2025, 11:44 PM IST
Mallikarjun Kharge

सार

प्रधानमंत्री मोदी के GST सुधारों पर राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद विपक्ष भड़क उठा। कांग्रेस, AAP और CPI ने विरोध जताते हुए सरकार पर एकतरफा क्रेडिट लेने का आरोप लगाया। MSME और जनता के टैक्स बोझ पर सवाल उठे।

GST Reforms Opposition Criticism Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में GST सुधारों और नई दरों की घोषणा की। पीएम मोदी ने GST के फायदे गिनाए और देशवासियों से कहा कि यह कदम जनता के लिए लाभकारी है। लेकिन विपक्षी दलों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी और सरकार पर एकतरफा क्रेडिट लेने का आरोप लगाया।

“900 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली”-खरगे ने क्यों किया हमला?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि पिछले 8 सालों में सरकार ने जनता से लाखों करोड़ रुपए टैक्स के रूप में वसूले। उन्होंने इसे “गब्बर सिंह टैक्स” कहा और कहा कि 2.5 लाख करोड़ के “बचत उत्सव” की घोषणा सिर्फ मामूली बैंड ऐड जैसा है। खरगे का कहना है कि जनता कभी नहीं भूलेगी कि दाल, चावल, अनाज, पेंसिल, किताब, इलाज और ट्रैक्टर पर भी GST वसूला गया।

 

 

जयराम रमेश ने उठाया सवाल: प्रधानमंत्री ने खुद क्यों लिया पूरा क्रेडिट?

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि GST परिषद ने सुधार किए, लेकिन प्रधानमंत्री ने इसे अपने नाम कर लिया। उनका कहना है कि यह संवैधानिक निकाय का काम है और जनता को यह जानना जरूरी है कि असली जिम्मेदारी किसकी है।

MSME और जनता पर प्रभाव: पवन खेड़ा का आरोप

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) पहले ही नोटबंदी और GST के कारण प्रभावित हो चुके हैं। अब तक हुए नुकसान की कोई भरपाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल किया कि राज्य स्तरीय GST की जरूरत क्यों पूरी नहीं की गई।

AAP और CPI नेताओं की प्रतिक्रिया: टैक्स बोझ और खामियां

AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि पिछले 8 साल में देश की जनता पर भारी टैक्स बोझ डाला गया। CPI महासचिव डी राजा ने GST की खामियों और महंगे अनुपालन बोझ पर चिंता जताई। उनका कहना था कि जरूरी वस्तुओं की कीमतें कब कम होंगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

क्या जनता के हित में हुए सुधार?

विपक्ष का कहना है कि प्रधानमंत्री के संबोधन में लाभों का बखान तो है, लेकिन जनता और छोटे उद्योगों पर हुए नुकसान और टैक्स बोझ पर सवाल अनुत्तरित हैं। विपक्षी नेताओं का मानना है कि सरकार ने 8 साल तक जनता से टैक्स वसूल कर, अब खुद ही पूरी क्रेडिट ले ली।

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