
Rahul Gandhi Defamation Case. मोदी सरनेम से जुड़े मानहानि मामले में राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले अपना जवाब दाखिल किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि अपील सेशंस कोर्ट में लंबित है जिसमें सफलता की संभावना है। इसलिए दोषसिद्धि पर सुप्रीम कोर्ट रोक लगा दे। राहुल गांधी ने यह भी जवाब दिया है कि माफी न मांगने की वजह से घमंडी कहना गलत है।
अब तक मोदी सरनेम केस में क्या-क्या हुआ है
मोदी सरनेम मामले में सूरत कोर्ट ने राहुल गांधी को 2 साल की सजा सुनाई है। इसी की वजह से राहुल गांधी की संसद सदस्यता भी चली गई है। राहुल गांधी ने दोषसिद्धि को खत्म करनो के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जहां से उन्हें राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि निचली अदालत ने नियमों और कानून के आधार पर सजा दी है। अब राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट की शरण में हैं, जहां इस मामले की सुनवाई की जानी है।
सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी ने दाखिल किया जवाब
राहुल गांधी ने बुधवार यानि 2 अगस्त को जो जवाब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया है, उसमें कहा है कि पूर्णेश मोदी ने सीधे उनका बयान नहीं सुना था। मेरे मामले को अपवाद की तरह देखकर राहत दी जाए। राहुल ने कहा कि मानहानि केस में अधिकतम सजा के चलते संसद सदस्यता गई है। पूर्णेश मोदी खुद मूल रूप से मोदी समाज के नहीं हैं। उन्हें इससे पहले किसी भी केस में सजा नहीं हुई है। माफी नहीं मांगने की वजह से उन्हें घमंडी कहना गलत है।
राहुल गांधी के किस बयान पर हुई सजा
जानकारी के लिए बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने कर्नाटक के कोलार में 13 अप्रैल को रैली की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था, "इन सब चोरों के नाम मोदी कैसे हैं? नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी। खोजने पर और भी बहुत सारे मोदी मिलेंगे।" इस बयान के चलते भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानी का केस दर्ज कराया था। इसी केस में राहुल को सजा मिली है। भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने भी राहुल गांधी के खिलाफ इस मामले में केस दर्ज कराया था। इस मामले में फैसला आना बाकी है।
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