
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आपराधिक मानहानी मामले में मिली दो साल जेल की सजा के खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट में अपील की है। मोदी सरनेम को लेकर दिए गए बयान (Modi Surname Remarks) के चलते राहुल के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। सूरत के कोर्ट ने इस मामले में राहुल गांधी को दो साल जेल की सजा सुनाई है। लोअर कोर्ट के आदेश को राहुल गांधी ने सूरत सेशन कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। सेशन कोर्ट से खाली हाथ लौटने के बाद राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में अर्जी लगाई है।
सेशन कोर्ट में अपील कर राहुल गांधी ने अपनी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग की थी, जिससे सांसद के रूप में उनकी बहाली हो सके। उन्हें सजा मिलने के चलते पिछले महीने संसद की सदस्यता से अयोग्य करार दिया गया था। इसके साथ ही सांसद के रूप में मिला घर भी खाली करने का आदेश दिया गया था। राहुल गांधी ने घर खाली कर दिया है। अपनी अपील में राहुल गांधी ने कहा था कि सांसद होने के चलते ट्रायल कोर्ट ने उनके साथ कठोर व्यवहार किया था। जज रॉबिन मोंगेरा राहुल गांधी की बात से सहमत नहीं हुए थे।
राहुल गांधी ने 2019 में दिया था मोदी सरनेम पर बयान
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक में मोदी सरनेम को लेकर बयान दिया था। 13 अप्रैल 2019 को कर्नाटक के कोलार में राहुल गांधी ने कहा था, "इन सब चोरों के नाम मोदी कैसे हैं? नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी। खोजने पर और भी बहुत सारे मोदी मिलेंगे।"
इस बयान के चलते राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा सांसद पूर्णेश मोदी ने केस दर्ज कराया था। 23 मार्च को सूरत मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेज कोर्ट ने राहुल को दो साल जेल की सजा सुनाई थी। इसके चलते राहुल की संसद सदस्यता खत्म हो गई। कोर्ट से राहत मिलने पर राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो सकती है।
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