
नई दिल्ली. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को 500 से ज्यादा वकीलों ने पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट में फिजिकल सुनवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में वर्चुअल सुनवाई शुरू तो की गई, लेकिन वह फेल साबित हुई है।
क्यों वर्चुअल सुनवाई हुई फेल?
सुप्रीम कोर्ट सहित देश की सभी अदालतों ने पिछले साल मार्च में COVID-19 के फैलने के बाद वर्चु्अल सुनवाई शुरू कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट के वकीलों द्वारा लिखे गए पांच पन्नों के पत्र में कुलदीप राय, अंकुर जैन और अनुभव ने सीजेआई बोबडे से कहा कि वर्तमान में सुनवाई के लिए वर्चुअल तरीका फेल है।
पत्र में कहा गया कि मॉनिटरिंग बेंन कॉल्स का जवाब नहीं देती है, जिसके परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण मामले लंबित हो जाते हैं। उन्होंने कहा, वर्चुअल सुनवाई में नेटवर्क कनेक्टिविटी सहित रजिस्ट्री द्वारा उचित प्रबंधन नहीं करने सहित कई खामियां हैं।
वकीलों की कमाई पर असर पड़ा
पत्र में वकीलों ने कहा, दिल्ली एनसीआर में रहने वाले सदस्य और कोर्ट में प्रैक्टिस करने वालों की कमाई पर बहुत प्रभाव पड़ा है, जिस कारण उन्हें अब या तो अपने परिवार पर निर्भर रहना पड़ रहा है या अन्य तरह की नौकरियों पर।
पत्र में कहा गया कि बार के अधिकांश सदस्य वर्चुअल सिस्टम से अच्छी तरह से वाकिफ नहीं हैं। यह भी एक कारण है 10 महीनों के वकीलों की दिक्कत बढ़ी है।
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