
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा के इंधावाड़ी के 44 साल के राजू पिंडारे 2019 से पाकिस्तान के जेल में बंद थे। वह गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान चले गए थे। पाकिस्तान के अधिकारियों ने उन्हें पकड़कर जेल में डाल दिया था। उनपर जासूसी के आरोप लगाए थे। बाद में पाकिस्तान के अधिकारियों को यकीन हुआ कि राजू निर्दोष है।
अधिकारियों ने सोमवार को जानकारी दी कि राजू को पाकिस्तानी अधिकारियों ने अमृतसर के वाघा बॉर्डर पर भारत के हवाले किया। अपर कलेक्टर शंकरलाल सिंघाड़े ने कहा कि पुलिसकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों की चार सदस्यीय टीम को राजू को वापस लाने के लिए अमृतसर भेजा गया है। अमृतसर रेड क्रॉस सोसायटी से हमें जानकारी मिली कि राजू को भारत को सौंप दिया गया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा।
14 फरवरी को पाकिस्तान ने कर दिया था मु्क्त
अमृतसर रेड क्रॉस सोसायटी के प्रोजेक्ट मैनेजर सुभाष शर्मा ने कहा कि राजू को पाकिस्तानी अधिकारियों ने 14 फरवरी को मुक्त कर दिया था। उसे सोमवार को खंडवा पुलिस के हवाले कर दिया गया। खंडवा के एसपी विवेक सिंह ने कहा कि राजू को वापस लाने के लिए वह पुलिस हेडक्वार्टर से लगातार संपर्क में हैं।
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मानसिक रूप से अस्वस्थ है राजू
राजू की मां बसंता ने कहा कि उनका बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ है। उसे 2019 में स्थानीय अधिकारियों से पता चला था कि राजू को पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया है। इससे छह महीने पहले से वह लापता था। बसंता ने कहा कि उनका बेटा इधर-उधर घूमता रहता था, लेकिन उन्हें नहीं पता कि वह कैसे पाकिस्तान चला गया। बसंता ने कहा कि उनका परिवार बहुत गरीब है। राजू पर जासूस होने का आरोप लगाया गया वह पूरी तरह गलत है।
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