मुजफ्फरनगर महापंचायत: किसानों ने भरी हुंकार, वोट की चोट से लेंगे अब अपना हक

Published : Sep 05, 2021, 04:34 PM IST
मुजफ्फरनगर महापंचायत: किसानों ने भरी हुंकार, वोट की चोट से लेंगे अब अपना हक

सार

महापंचायत शुरू होने के पहले गठवाला खाप के थांबेदार बाबा श्याम सिंह को आज की महापंचायत का अध्यक्ष बनाया गया है। मंच पर योगेंद्र यादव, भाकियू के नरेश टिकैत, राकेश टिकैत सहित दर्जनों किसान नेता मौजूद हैं। 

मुजफ्फरनगर। तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर यूपी के मुजफ्फरनगर में किसानों ने महापंचायत कर वोट से चोट कर अपना हक लेने के लिए हुंकार भरी। महापंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा के प्रस्ताव पर तय हुआ कि 27 सितंबर को भारत बंद का ऐलान रहेगा। साथ ही यूपी के लखनऊ में संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग 9 और 10 सितंबर को किया जाएगा। 

मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में रविवार को किसान महापंचायत में हजारों की संख्या में किसानों ने शिरकत की। इस महापंचायत में 300 से अधिक किसान संगठनों से जुड़े किसान शामिल हुए। महापंचायत में देश के हर राज्य का प्रतिनिधित्व शामिल रहा। यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अलावा कर्नाटक और तमिलनाडु, केरल से भी किसानों के जत्थे आए हैं। अलीगढ़, मथुरा, आगरा समेत वेस्ट यूपी के विभिन्न जिलों से लोग तो पहले से ही पहुंचे हुए थे। किसान नेताओं ने कहा कि आगामी यूपी और उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी को उखाड़ फेंकना है।

बाबा श्याम सिंह को बनाया पंचायत का अध्यक्ष

महापंचायत शुरू होने के पहले गठवाला खाप के थांबेदार बाबा श्याम सिंह को आज की महापंचायत का अध्यक्ष बनाया गया है। मंच पर योगेंद्र यादव, भाकियू के नरेश टिकैत, राकेश टिकैत सहित दर्जनों किसान नेता मौजूद हैं। 

हम शहीद हो जाएंगे लेकिन घर नहीं जाएंगे: राकेश टिकैत

राकेश टिकैत ने कहा कि हम शहीद हो जाएंगे लेकिन मोर्चा डटा रहेगा हमारा आंदोलन खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को गन्ने का भाव 450 रुपये कुंतल चाहिए। कृषि बिलों की वापसी तक किसान गाजीपुर बार्डर से घर नहीं जाएंगे। 

महापंचायत के मंच से बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि ये महापंचायत पूरे देश में होगी। हमें देश को बचाना है। हमारी मांग रहेगी कि देश, किसान, व्यापार और युवा बचे। जब तक सरकार तीनों कानून को वापस नहीं लेगी, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। मोदी-योगी की सरकार झूठी है। किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई। 

टिकैत ने कहा कि सरकार बात करने के लिए तैयार नहीं है। सरकार ने बात करनी बंद कर दी है। सिर्फ मिशन यूपी नहीं, देश बचाना है। हम सिर्फ किसानों के मुद्दे नहीं उठा रहे हैं, देश में जहां-जहां गलत हो रहा है उन्हें हम सामने रख रहे हैं। देश में संस्थाएं बेची जा रही हैं। सरकारी कर्मचारियों की पेंशन खत्म कर दी गई। बड़े लोग पैसे लेकर भाग रहे हैं। बिजली को प्राइवेट किया जा रहा है। सरकार एलआईसी को बेच रही है। देश का संविधान खतरे में है, इसे बचाना है।

सरकार धर्म के नाम पर केवल लड़ाना चाहती: योगेंद्र यादव

योगेंद्र यादव ने केंद्र और यूपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि गन्ना मूल्य नहीं बढ़ा, फसल बीमा के नाम पर फरेब किया। दाना दाना खरीदने के वादे पर खरीद नहीं हुई, कर्जमाफी के नाम ढोंग किया और लोगों को धर्म के नाम पर बांट दिया। उन्होंने कहा कि सौ सुनार की के बाद अब किसानों ने एक लुहार की चोट मारी है। अब हम वोट की ताकत से अपना हक लेंगे। 

मोर्चा ने किया ट्वीट यह जमीन और जमीर की लड़ाई है

किसान एकता मोर्चा का कहना है कि यूपी की जनता अब बीजेपी के बहकावे और जुमलों में फंसने वाली नहीं है। मोर्चा ने ट्वीट कर कहा, यह 'जमीर और जमीन' दोनों की लड़ाई है। दिल्ली की सीमा पर संघर्षरत किसानों को उत्तर प्रदेश की जनता ने इतना प्यार दिया है जिससे यह सिद्ध होता है कि उत्तर प्रदेश की जनता अब भाजपा के बहकावे और जुमलो में नहीं फसेंगी।

गमछे से बनाया गया तिरंगा और लहरा कर किया स्वागत

महापंचायत शुरू होने से पहले आयोजकों ने आसमान में हरे, नारंगी और सफेद रंग के गमछे लहराकर राकेश टिकैत का स्वागत किया। इसके बाद सभी ने महापंचायत शुरू करने की हामी भरी। पंचायत में भारी संख्या में युवा किसान दिखाई दे रहे हैं।

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