पीएम मोदी बोले- विपक्ष नहीं चाहता था संसद में हो मणिपुर मुद्दे पर चर्चा, उनको डर था चुभेगी सच्चाई

Published : Aug 12, 2023, 01:07 PM ISTUpdated : Aug 12, 2023, 01:08 PM IST
Panchayati Raj Parishad

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भाजपा के एक कार्यक्रम में कहा कि विपक्ष नहीं चाहता था कि संसद में मणिपुर मुद्दे पर चर्चा की जाए। उन्हें डर था कि चर्चा हुई तो सच्चाई चुभेगी। 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में भाजपा के क्षेत्रीय पंचायती राज परिषद को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पूर्वोत्तर पर काफी बात की। पीएम ने कहा कि इस क्षेत्र को काफी समय तक उपेक्षा का शिकार होना पड़ा, जिससे समस्याएं पैदा हुईं। पूर्वी भारत में देश का विकास इंजन बनने की क्षमता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का जिक्र किया और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। नरेंद्र मोदी ने कहा, "विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाग गया। वे लोग अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से डर गए थे। वे लोग नहीं चाहते थे कि वोटिंग हो। क्योंकि वोटिंग होती तो ये घमंडिया गठबंधन की पोल खुल जाती। बचने के लिए ये लोग भाग गए।"

मणिपुर का सच विपक्ष को चुभने वाला था

पीएम मोदी ने कहा, "ये बहुत दुखद है कि इन लोगों ने मणिपुर के लोगों के साथ इतना बड़ा विश्वासघात किया है। सत्र शुरू होने से पहले गृह मंत्री ने सभी दलों को पत्र लिखकर कहा था हम मणिपुर मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं। अकेले मणिपुर पर चर्चा हो यह जरूरी है। इस मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष के बीच बात होती तो मणिपुर के लोगों के जख्मों पर मरहम लगता। शांति के रास्ते निकलते। ये लोग मणिपुर पर चर्चा नहीं चाहते थे। उन्हें मालूम था कि मणिपुर का सच सबसे ज्यादा उनको चुभने वाला था। उनको मणिपुर के लोगों के दुख की परवाह नहीं थी।"

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देश ने देखा कैसे पंचायत चुनाव में टीएमसी ने खेला खूनी खेल

प्रधानमंत्री ने कहा,"हाल के पंचायत चुनाव में टीएमसी ने खूनी खेल खेला। ये देश ने देखा है। चुनाव में इनका तरीका क्या है? पहले तो चुनाव की तैयारी के लिए समय मत दो। जल्दी-जल्दी फॉर्म भरने की तारीख घोषित कर दो। कोई भी विरोधी दल का व्यक्ति पर्चा ही न भर सके, इसके लिए जो कुछ भी हो सके करो। अगर वह किसी भी तरह फॉर्म भरने के लिए पहुंच ही गया तो फिर चुनाव लड़ने में अड़ंगे डालना। उनको घर-घर जाने नहीं देना। वोटरों को भी भयभीत कर देना। घर से निकलने नहीं देना। जब वोटिंग होती है तो उसमें ठप्पेबाजी करना। सारे गुंडों को कॉन्ट्रैक्ट दिया जाता है कि कितने पोलिंग बूथ को कौन कैप्चर करेगा। पोलिंग बॉक्स उठाकर भागना। काउंटिंन हो तो एक-एक वोट पर अड़ंगे डालना।"

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