
Narendra Modi UK Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को यूनाइटेड किंगडम की चौथी यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस यात्रा में भारत और यूके के बीच FTA (Free Trade Agreement) पर साइन होने की उम्मीद है। ब्रिटिश पीएम कीर स्टारमर के साथ मोदी की चर्चा सुरक्षा और टेक्नोलॉजी सहित कई मुद्दों पर होगी। दोनों पक्षों ने 6 मई को व्यापार समझौते के लिए वार्ता पूरी की थी। यूके के बाद नरेंद्र मोदी मालदीव जाएंगे। वह 25-26 जुलाई को मालदीव में रहेंगे।
भारत और ब्रिटेन संबंध हाल के वर्षों में मजबूत हुए हैं। ब्रेक्सिट (यूके का यूरोपियन यूनियन से हटना) के बाद से इन संबंधों को मजबूती मिली है। भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक संबंध भी बढ़े हैं। 2024 में दोनों देशों के बीच करीब 4.97 लाख करोड़ रुपए का व्यापार हुआ।
ब्रिटेन यात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी अपने ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टारमर के साथ कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। पीएम मोदी ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय से भी मिलेंगे। कीर स्टारमर के साथ बातचीत के दौरान मोदी भारत-यूके व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) की स्थिति की समीक्षा करेंगे। इसमें व्यापार और अर्थव्यवस्था, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, डिफेंस एंड सिक्योरिटी, जलवायु, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मोदी ब्रिटेन के व्यापारिक नेताओं से भी बातचीत कर सकते हैं।
नरेंद्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना है। 24 जुलाई को भारत और ब्रिटेन एफटीए पर साइन कर सकते हैं। इससे ब्रिटेन को भारत से होने वाले 99 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क समाप्त हो जाएगा, जिसमें कपड़ा, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण तथा ऑटो पार्ट्स और इंजन जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। बदले में भारत चिकित्सा उपकरणों और शराब सहित 90% ब्रिटिश उत्पादों पर टैरिफ कम कर देगा या हटा देगा। ब्रिटिश अनुमान के अनुसार, भारत-ब्रिटेन एफटीए से 2040 तक द्विपक्षीय व्यापार में प्रतिवर्ष 25.5 बिलियन पाउंड (2.97 लाख करोड़ रुपए) की वृद्धि होगी।
नरेंद्र मोदी कीर स्टारमर के साथ बैठक के दौरान ब्रिटेन में खालिस्तानी खतरे में वृद्धि का मुद्दा उठा सकते हैं। हाल के समय में यूके में खालिस्तानी चरमपंथियों की सक्रियता बढ़ी है। खालिस्तानियों के भारत विरोधी काम के चलते दोनों देशों के संबंध प्रभावित हुए हैं। जून में कनाडा में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी ने स्टारमर के सामने यह मुद्दा उठाया था। दोनों नेताओं ने पिछले साल ब्राजील में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान भी बातचीत की थी।
नरेंद्र मोदी ब्रिटेन के साथ भगोड़ों के प्रत्यर्पण पर भी बात कर सकते हैं। यह मुद्दा टॉप एजेंडा में शामिल हो सकता है। भारत वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में वांटेड ललित मोदी, नीरव मोदी और विजय माल्या के प्रत्यर्पण की मांग ब्रिटेन से कर रहा है।
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