
नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड केस (National Herald case) में ईडी (Enforcement Directorate) ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के करीब ढाई घंटे पूछताछ की। पूछताछ कर रही ईडी की टीम का नेतृत्व ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर कुलदीप सिंह ने किया। कुलदीप ने राहुल गांधी से भी पूछताछ की थी। पूछताछ के दौरान सोनिया गांधी को लंच के लिए जाने की अनुमति भी दी गई। ईडी ने सोनिया गांधी को पूछताछ के लिए 25 जुलाई को बुलाया है।
कोरोना के संक्रमण का शिकार होने के बाद कई और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना कर रहीं सोनिया गांधी ने ईडी से कई खास निवेदन किए। पूछताछ के दौरान कांग्रेस नेता और सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी उसी भवन में मौजूद थीं। वह सोनिया गांधी की दवाएं लिए हुईं थी ताकि जरूरत पड़ने पर दिया जा सके। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोनिया गांधी ने ईडी से निवेदन किया था कि उनसे बड़े और हवादार कमरे में पूछताछ की जाए।
जय राम रमेश ने कहा-सोनिया गांधी ने नहीं किया पूछताछ खत्म करने का निवेदन
कांग्रेस नेता जय राम रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी करीब दो-ढाई घंटा ईडी ऑफिस में रहीं। ई़डी ने कहा कि हमें आपसे कोई और सवाल नहीं पूछना है। आप जा सकती हैं। इसपर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा- नहीं, आपके पास जो भी सवाल हैं पूछिए। मैं यहां 8-9 बजे रात तक बैठने के लिए तैयार हूं। मैं कल भी आ सकती हूं। इसपर ई़डी ने कहा कि इसकी जरूरत नहीं है। कल भी पूछताछ की जरूरत नहीं है। सोनिया गांधी ने कहा कि अगर कोई सवाल बचे हैं तो वह सोमवार को आ सकती हैं। उन्होंने पूछताछ खत्म करने का निवेदन नहीं किया।
राहुल गांधी से पांच दिन हुई थी पूछताछ
राहुल गांधी से इसी केस में ईडी ने पांच दिन में 40 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। सोनिया गांधी से पूछताछ के दौरान ईडी के अधिकारियों ने उनकी सेहत को ध्यान में रखा और पूछताछ जल्द समाप्त कर दिया। ईडी ने बताया था कि राहुल गांधी से पूछताछ में इसलिए अधिक समय लगा क्योंकि उनके जवाब मैच नहीं करते थे। हर राउंड की पूछताछ के बाद जब उनसे लिखित बयान पर साइन करने को कहा जाता तो वह कुछ जवाबों में फेरबदल करवाते थे।
क्या है मामला?
गौरतलब है कि नेशनल हेराल्ड अखबार चलाने वाली कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) के यंग इंडियन के अधिग्रहण से जुड़े मामले की जांच ईडी कर रही है। ईडी का कहना है कि यंग इंडियन कंपनी ने एजेएल की संपत्ति में 800 करोड़ रुपए से अधिक का अधिग्रहण किया। आयकर विभाग के अनुसार, इसे यंग इंडियन के शेयरधारकों (सोनिया गांधी और राहुल गांधी) की संपत्ति माना जाना चाहिए। इसके लिए उन्हें कर का भुगतान करना चाहिए।
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वहीं, कांग्रेस का कहना है कि एजेएल की संपत्ति एक गैर-लाभकारी संस्था यंग इंडियन के पास चली गई। शेयरधारक संपत्ति से कोई पैसा नहीं कमा सके। कानून के तहत इसकी अनुमति नहीं है। इस पर ईडी का कहना है कि यंग इंडियन एक गैर-लाभकारी कंपनी होने का दावा करती है, लेकिन उसने कोई धर्मार्थ काम नहीं किया है।
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