
New Delhi Stampede report: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी 2025 को हुए दर्दनाक हादसे की जांच रिपोर्ट संसद में पेश कर दी गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में बताया कि यह घटना किसी 'स्टैम्पीड' यानी भगदड़ का परिणाम नहीं थी बल्कि एक यात्री के भारी सामान के गिरने से सीढ़ियों पर ट्रिपिंग हुई जिससे लोग एक-दूसरे पर गिरते गए और 18 यात्रियों की मौत हो गई।
घटना के दिन रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ी थी क्योंकि प्रयागराज में आयोजित महा कुंभ (Maha Kumbh) में जाने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे थे। रेलवे के अनुसार उस दिन 49,000 सामान्य टिकटें बेची गईं जो औसत से 13,000 अधिक थीं।
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रेलवे मंत्री ने बताया कि शाम 8:15 बजे के बाद फुट ओवर ब्रिज (FOB) पर यात्री घनत्व बढ़ने लगा। बहुत से यात्री भारी सामान (headload) लेकर चल रहे थे, जिससे फुट ओवर ब्रिज पर आवाजाही बाधित हुई। अचानक एक यात्री का भारी सामान गिर गया जिससे सीढ़ियों पर दबाव बना और लोग गिरने लगे। यह घटना प्लेटफॉर्म 14 और 15 की सीढ़ियों पर रात 8:48 बजे हुई।
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हैरानी की बात यह रही कि रेलवे मंत्री के लिखित बयान में 'भगदड़' (stampede) शब्द का उल्लेख नहीं किया गया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना के दिन X (पूर्व ट्विटर) पर इसे 'stampede' बताया था और दुख जताया था।
रेलवे ने इस घटना में मारे गए प्रत्येक यात्री के परिवार को 10 लाख, गंभीर रूप से घायल को 2.5 लाख और सामान्य रूप से घायल को 1 लाख की सहायता दी है। कुल मिलाकर 2.01 करोड़ की राशि 33 पीड़ितों और उनके परिवारों को दी गई।
रेलवे ने भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं:
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