
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सरकारी नौकरी करने वाले एम्लाइज के लिए पेंशन नियमों में संशोधन कर दिया है। अब इंटेलीजेंस या डिफेंस व सिक्योरिटी से जुडे़ विभागों के अधिकारी-कर्मचारी बिना इजाजत रिटायरमेंट के बाद नहीं लिख पाएंगे। उनको कुछ लिखने के लिए पहले इजाजत लेनी होगी। अगर ऐसा नहीं किया तो पेंशन रोक दी जाएगी। सरकार का तर्क है कि देश की आंतरिक सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
सेवा में रहते हुए या रिटायरमेंट के बाद भी कुछ नहीं लिख सकते
सेवा में रहते हुए या उसके बाद कोई भी सरकारी अधिकारी कुछ लिखने के लिए पहले इजाजत लेगा। सेवानिवृत्ति या सेवा के दौरान अपने विभाग-मंत्रालय या सरकारी कामकाज से संबंधित कोई भी सामग्री को प्रकाशित कराने या उसके बारे में लिखने पर पाबंदी होगी। इसके लिए उसे पूर्व अनुमति लेनी होगी।
कानून में किया गया संशोधन
केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियम, 1972 में संशोधन कर डीओपीटी ने एक क्लाॅज जोड़ दिया है। नियम में कहा गया है कि सेवानिवृत्ति पर आरटीआई अधिनियम की दूसरी अनुसूचि में दर्ज संगठन या विभाग या मंत्रालय के काम करने वालों को उस संस्था के चीफ से पूर्व मंजूरी लिए बिना कोई भी बात या जानकारी या कोई विवरण प्रकाशित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इन पर लागू होगा कानून
सीबीआई, आईबी, राॅ, एसएसबी, रेवेन्यू इंटेलीजेंस डायरेक्टरेट, सेंट्रल इकोनाॅमिक इंटेलीजेंस ब्यूरो, ईडी, एनसीबी, एविएशन रिसर्च सेंटर, स्पेशल फ्रंटियर फोर्स, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड, असम राइफल्स, स्पेशल ब्रांच (सीआईडी), अंडमान और निकोबार, क्राइम ब्रांच-सीआईडी-सीबी, दादरा और नगर हवेली, स्पेशल ब्रांच, लक्षद्वीप पुलिस, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, बॉर्डर रोड़ डेवलपमेंट बोर्ड और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट।
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