पश्चिम बंगालः चुनाव बाद हुई हिंसा की जांच के लिए राजीव जैन की अध्यक्षता में NHRC की जांच कमेटी गठित

Published : Jun 22, 2021, 09:09 AM IST
पश्चिम बंगालः चुनाव बाद हुई हिंसा की जांच के लिए राजीव जैन की अध्यक्षता में NHRC की जांच कमेटी गठित

सार

कोलकाता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा के मामलों की जांच के लिए मानवाधिकार आयोग को कमेटी गठित करने का आदेश दिया था। एक याचिका पर हाईकोर्ट ने यह निर्देश दिया। सोमवार को हाईकोर्ट के पांच जजों के बेंच के सामने आदेश पर पुनर्विचार या खारिज करने की याचिका भी सुनी गई थी। 

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चुनावी बाद हुई हिंसा के मामलों की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी कोलकाता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद गठित किया गया है। बंगाल में पिछले कुछ दिनों से चुनाव बाद हुई हिंसा का मामला जोर पकड़ा है। 

यह भी पढ़ेंः स्मृति ईरानी बोली-पश्चिम बंगाल में और कितनी महिलाओं का रेप देखने के लिए चुप रहेंगी मुख्यमंत्री?

कौन कौन शामिल है जांच कमेटी में

मानवाधिकार आयोग द्वारा गठित जांच कमेटी के अध्यक्ष राजीव जैन होंगे। जबकि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष आतिफ रशीद, राष्ट्रीय महिला आयोग के सदस्य राजूलबेन एस.देसाई, एनआरएसी के महानिदेशक जांच संतोष मेहरा, पश्चिम बंगाल के मानवाधिकार आयोग के रजिस्ट्रार प्रदीप कुमार पंजा, पश्चिम बंगाल राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के सदस्य राजू मुखर्जी और एनएचआरसी के डीआईजी जांच मंजिल सैनी को जांच कमेटी का सदस्य बनाया गया है। 

हाईकोर्ट ने दिया था आदेश

कोलकाता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा के मामलों की जांच के लिए मानवाधिकार आयोग को कमेटी गठित करने का आदेश दिया था। एक याचिका पर हाईकोर्ट ने यह निर्देश दिया। सोमवार को हाईकोर्ट के पांच जजों के बेंच के सामने आदेश पर पुनर्विचार या खारिज करने की याचिका भी सुनी गई थी। लेकिन कोर्ट ने जांच को रोकने या पुनर्विचार करने की याचिका को खारिज कर दी थी।
 
यह भी पढ़ेंः इंडिया ने बनाया एक दिन में रिकार्ड 85 लाख वैक्सीनेशन का रिकार्डः एमपी टाॅप पर, दिल्ली रहा फिसड्डी

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

Bihar Big Breaking: राज्यसभा जाने की बात को नीतीश कुमार ने खुद किया कन्फर्म
UNESCO World Heritage City: भारत से सिर्फ 5 घंटे दूर ‘धरती का स्वर्ग’! आखिर क्यों ट्रैवलर्स हो रहे दीवाने?