
नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप के दोषियों को फांसी देने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। कयास लगाए जा रहे कि इस महिने में दरिंदों को फांसी की सजा दी जा सकती है। इन सब के बीच तिहाड़ जेल प्रशासन बड़े ही फूंक-फूंककर कदम उठा रहा है। जानकारी के अनुसार जेल प्रशासन चारों को फांसी पर लटकाने के लिए देशभर में कई राज्यों से जल्लाद के लिए संपर्क किया है। लेकिन यूपी से ही केवल दो जल्लादों के बारे में जानकारी मिली है।
एक जल्लाद हो गया है बूढ़ा
तिहाड़ जेल में जल्लादों के न होने के कारण फांसी की सजा पा चुके निर्भया के दरिंदों को फांसी पर लटकाने में देरी हो रही है। फांसी देने की तेज होती मांग के बीच जेल प्रशासन ने जल्लादों की तलाश के लिए कदम उठाए। जिसके लिए जेल प्रशासन ने जल्लादों की तलाश के लिए देश के कई राज्यों में सम्पर्क किया। जिसमें सिर्फ यूपी में दो जल्लाद ही मिल सके। एक कानपुर में और दूसरा मेरठ में जल्लाद मिलें। जिसमें कानपुर में रहने वाला जल्लाद बूढ़ा और बीमार है। जबकि मेरठ का जल्लाद फांसी देने को तैयार है । जिससे यह कयास लगाया जा रहा कि मेरठ के जल्लाद पवन से ही चारों को फांसी दिलाई जाएगी। लेकिन जेल प्रशासन कम से कम एक जल्लाद को और अपने पास रखना चाहता है।
अलग-अलग योजनाओं पर हो रहा काम
तिहाड़ जेल प्रशासन द्वारा यह भी जानकारी मिली है कि तिहाड़ में पहली बार एक साथ चार कैदियों को फांसी देने वाली बात को देखते हुए तिहाड़ जेल प्रशासन अलग-अलग योजना पर काम कर रहा है। इनमें एक योजना चारों को एक साथ फांसी पर लटकाने की भी है तो दो अन्य योजनाओं में दो-दो को लटकाना और चारों को एक-एक करके फांसी के फंदे पर लटकाने की बात सोची जा रही है। लेकिन चारों को एक साथ फांसी पर लटकाने वाले मामले में यह भी सोचा जा रहा है कि अगर इन चारों को एक साथ फांसी पर लटकाने से फांसी का तख्ता टूट गया या फिर लोहे की वह ग्रिल झुक गई तो क्या होगा?
गठित हुई विशेष टीम
इस समस्या को देखते हुए जेल प्रशासन यहां की जेल नंबर-3 में एक और फांसी का तख्ता तैयार करने पर भी विचार कर रहा है। जेल सूत्रों ने यह भी बताया है कि राष्ट्रपति के यहां विचाराधीन दया याचिका को देखते हुए तिहाड़ जेल प्रशासन ने इस ऑपरेशन के लिए एक विशेष टीम का गठन कर दिया है। जो इन्हें फांसी पर लटकाने से लेकर पहले और बाद तक की तमाम कार्रवाई करेगी।
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