निर्भया की वकील योगिता ने जताई इच्छा, हैवानों को खुद लटकाना चाहती हैं फांसी पर

Published : Dec 05, 2019, 11:31 AM ISTUpdated : Dec 05, 2019, 12:34 PM IST
निर्भया की वकील योगिता ने जताई इच्छा, हैवानों को खुद लटकाना चाहती हैं फांसी पर

सार

दिल्ली-एनसीआर में रेप और गैंगरेप की पीड़िताओं के केस में पैरोकार बनीं योगिता भयाना ने कहा है कि यदि तिहाड़ जेल के पास फांसी देने के लिए कोई जल्लाद नहीं है तो मैं जल्लाद बनने के लिए तैयार हूं। लेकिन सिर्फ एक जल्लाद की वजह से निर्भया केस के दोषियों की फांसी देने में देर नहीं होनी चाहिए।

नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप के दरिंदों को कोर्ट द्वारा फांसी की सजा सुनाई गई है। इन सब के बीच चर्चा जोरों पर है कि तिहाड़ जेल में जल्लादों की कमी के कारण अब तक उनको फांसी नहीं दी जा सकी है। वहीं, महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध और रेप की घटनाओं के बाद लोगों का गुस्सा सातवे आसमाम पर है। जिसके बाद अब खुद जल्लाद बनने के तैयार हैं। 

हिमाचल के सामाजिक कार्यकर्ता ने लिखा पत्र 

निर्भया के दोषियों को फांसी देने के लिए हिमाचल के सामाजिक कार्यकर्ता ने पहले राष्ट्रपति को पत्र लिख जल्लाद बनने की इच्छा जाहिर की थी। अब इस लिस्ट में एक और नाम जुड़ गया है। यह नाम है दिल्ली-एनसीआर में रेप और गैंगरेप की पीड़िताओं के केस में पैरोकार बनीं योगिता भयाना का। उन्होंने कहा कि यदि तिहाड़ जेल के पास फांसी देने के लिए कोई जल्लाद नहीं है तो मैं जल्लाद बनने के लिए तैयार हूं। लेकिन सिर्फ एक जल्लाद की वजह से निर्भया केस के दोषियों की फांसी देने में देर नहीं होनी चाहिए। योगिता ने ये मांग ऐसे वक्त में की है जब हैदराबाद का डॉक्टर गैंगरेप केस सामने आया और उसके बाद से निर्भया केस के दोषियों को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग होने लगी है। 

परी अभियान चलाती हैं योगिता भयाना

योगिता भयाना दिल्ली-एनसीआर में रेप पीड़िताओं की सहायता के लिए पीपुल्स अगेंस्ट रेप इन इंडिया (परी) अभियान चलाती हैं। बड़ी संख्या में पीड़िता और उनके परिजन योगिता से जुड़कर कोर्ट में अपने केस को लड़ रहे हैं। उन्होंने दरिंदों को फांसी देने के लिए तिहाड़ जेल प्रशासन को पत्र लिखा है। साथ ही मांग किया है कि अगर आपको जल्लाद नहीं मिल रहा है तो मैं इस काम के लिए तैयार हूं और मुझे आप ट्रेनिंग दे सकते हैं। योगिता ने इस संबंध में दिल्ली पुलिस और तिहाड़ जेल प्रशासन को लैटर लिखा है. साथ ही इस मांग के संबंध में एक ट्वीट भी किया है.

2012 में हुई थी घटना

दिसंबर 2012 में चलती बस के अंदर मेडिकल की छात्रा निर्भया के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। जिसके बाद से निर्भया के दोषियों की फांसी करीब है। लेकिन तिहाड़ के पास कोई जल्लाद ही नहीं जिसके बाद से दोषियों को फांसी देने में देर हो रही है। 

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