
नई दिल्ली. निर्मला सीतारमण कोरोना महामारी में 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज के चौथी किस्त की घोषणा कर रही हैं। उन्होंने कहा, पीएम मोदी का सुधारों को लेकर बेहतरीन रिकॉर्ड रहा है। आज डायरेक्ट ट्रांसफर लोगों को फायदा दे रहा है। जीएसटी से कर देना आसान हुआ है। इससे पहले निर्मला सीतारमण ने तीन दिन में 18 लाख करोड़ रुपए का ब्रेकअप दे चुकी हैं। तीन दिनों में वित्त मंत्री ने एमएसएमई, मजदूर, ठेकेदार, संविदा कर्मचारियों, मजदूर वर्ग, उद्योग, प्रवासी श्रमिकों, किसानों को रियायती लोन, एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित पशुओं के टीकाकरण, औषधीय पौधों, मधुमक्खी पालन जैसे सेक्टर के लिए पैकेज का ऐलान कर चुकी हैं।
- निर्मला सीतारमण ने कहा, प्रधानमंत्री ने कहा था कि हमें कड़ी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयारी रहना चाहिए।जब हम आत्मनिर्भर भारत (AatmaNirbhar Bharat) की बात करते हैं, तो हम इसके अंदर नहीं देख रहे। यह अलगाववादी नीति नहीं है। इसमें भारत को अपनी ताकत पर भरोसा करना है। वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना है।
आज 8 क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, हम आज 8 क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने जा रहे हैं। शनिवार को उन्होंने 8 सेक्टर- कोयला, खनिज, रक्षा उत्पादन, एयर स्पेस मैनेजमेंट, एयरपोर्ट्स, मेंटेनेंस एंड ओवरहॉल, केंद्र शासित प्रदेशों में पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियां, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा पर बात की। कई क्षेत्रों में नीतियों को सरल बनाने की आवश्यकता है, ताकि लोगों को यह समझना सरल हो कि इस क्षेत्र से क्या मिल सकता है, लोगों की भागेदारी बढ़े और पारदर्शिता आ सके। हम ऐसा करके किसी क्षेत्र के विकास और नौकरियों को बढ़ावा दे सकते हैं।
कोयला सेक्टर में सरकारी एकाधिकार खत्म
कोयला सेक्टर में प्राइवेट कंपनियों की राह खोल दी गई है। कोयला क्षेत्र में निजी कंपनियों को मौका दिया जाएगा। इससे कोयला सेक्टर में सरकारी एकाधिकार खत्म हो जाएगा। वित्त मंत्री ने कोयला सेक्टर के लिए 50 हजार करोड़ का फंड जारी किया। उन्होंने कहा, ज्यादा कंपनियां आएंगी तो ज्यादा कोयला निकलेगा।
- वित्त मंत्री ने कहा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि खनिजों के खनन के लिए क्षेत्रीय सुधार से विकास और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। 500 खनन ब्लॉकों को एक खुली और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से पेश किया जाएगा। एल्यूमिनियम उद्योग की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बॉक्साइट और कोयला खनिज ब्लॉकों की एक संयुक्त नीलामी शुरू की जाएगी।
डिफेंस प्रोडक्शन में मेक इन इंडिया को बढ़ावा
डिफेंस प्रोडक्शन में मेक इन इंडिया को बढ़ावा दिया जाएगा। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना है। रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए 'मेकइंडइंडिया' के लिए आयात न किए जाने वाले उत्पादों की लिस्ट बनेगी। सेना को आधुनिक हथियारों की जरूरत है, उनका उत्पादन भारत में होगा।
रक्षा क्षेत्र में FDI 49% से बढ़ाकर 74%
वेपन्स की लिस्ट बनेगी। हथियारों का उत्पादन देश में ही हो, विदेशों पर कम निर्भर हो। जो पुर्जे मंगाने पड़ते हैं। उनका उत्पादन यहीं हो। कुछ हथियारों के इन्पोर्ट में कटौती की जाएगी। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के बोर्ड में बदलवा होगे। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री शेयर बाजार में लिस्ट होंगे। रक्षा क्षेत्र में FDI बढ़ाने का फैसला लिया गया। FDI 49% से 74% करने का फैसला लिया गया। रक्षा क्षेत्र में अलग से बजट का प्रावधान किया जाएगा।
विमान क्षेत्र के लिए 3 बड़े कदम
1- समय बचाने के लिए हवाई जहाज से यात्रा के लिए सिर्फ 60% हवाई क्षेत्र ही नागरिक उड़ानों के लिए हैं। इससे ज्यादा समय लगता है। हवाई क्षेत्र को बढ़ाया जाएगा। एयर स्पेस के विस्तार से 1 हजार करोड़ रुपए बचेंगे।
2- वर्ल्ड क्लास एयरपोर्ट पीपीपी के माध्यस से विकसित किए जाएंगे। प्राइवेट पार्टनरशिप के माध्यम से एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए AAI ने 6 में से 3 एयरपोर्ट का अनुबंध प्राप्त किया है। 6 और एयरपोर्ट की नीलामी जल्द होगी। 12 हवाई अड्डों में पहले-दूसरे चरण में 13 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा।
3- सिविल या मिलिट्री विमान के मेंटिनेस देश में ही करने की कोशिश की जाएगी। इससे देश में रोजगार पैदा होगा।
बिजली कंपनियों का निजीकरण
केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली कंपनियों का निजीकरण होगा। इससे विद्युत उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए 8100 करोड़ दिए जाएंगे। 30% वायवैलिटी गैप फंडिंग के आधार पर यह रकम दी जाएगी।
अंतरिक्ष के क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ेगी
अंतरिक्ष क्षेत्र की गतिविधियों में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ेगी। अनुमानित नीति लाकर अतंरिक्ष क्षेत्र में बढ़ा सुधार लाएंगे। भविष्य में ग्रहों के खोज की बात हो, इसमें प्राइवेट सेक्टर बढ़कर आगे आए। ISRO की सुविधाओें का प्रयोग भी निजी कंपनियां कर पाएंगी।
परमाणु ऊर्जा से संबंधित सुधारों पर काम
वित्त मंत्री ने कहा, परमाणु ऊर्जा से संबंधित सुधारों पर काम किया जाएगा। कैंसर के क्षेत्र में भारत ने दुनियाभर को दवाइयां भेजीं। इसमें आगे प्रगति होगी। मेडिकल इक्विपमेंट के उत्पादन को बढ़ाने के पलिए पीपीपी मोड से कंपनियां बनेंगी और इससे मानवता की सेवा को बल मिलेगा।
पहली किस्त का ऐलान
दूसरी किस्त का ऐलान
तीसरी किस्त का ऐलान
नरेंद्र मोदी ने किया था 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार की रात 8 बजे देश को संबोधित करते हुए 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि कोरोना महामारी के दौरान अब तक किए गए राहत पैकेज की कुल रकम 20 लाख करोड़ रुपए होगी। यह रकम देश की जीडीपी के 10% के बराबर है।
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