
रांची. महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर पहली बार केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि तीनों पार्टियों का यह गठबंधन अवसरवादी है। भाजपा के साथ शिवसेना का गठबंधन हिंदुत्व के आधार पर था, विचारधारा के आधार पर था, लेकिन इसमें कोई विचारधारा नहीं है।
झारखंड में प्रचार के दौरान न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में नितिन गडकरी ने कहा, अभी तो यह स्पष्ट नहीं है कि महाराष्ट्र में सरकार बन रही है। अगर सरकार बनती है तो यह 6-8 महीने से ज्यादा नहीं टिकेगी।
'भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए साथ आईं तीनों पार्टियां'
उन्होंने कहा कि ये गठबंधन सिर्फ इस बात को ध्यान में रखकर बनाया गया है कि किस तरह से भाजपा को सत्ता से दूर रखा जाए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। अवसरवादिता ही इस गठबंधन का आधार है। तीनों पार्टियों भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए एक साथ आईं। मुझे संशय है कि ये सरकार बनेगी या नहीं। अगर सरकार बन भी जाती है तो 6-8 महीने से ज्यादा नहीं चलेगी।
राजनीति और क्रिकेट में कभी भी कुछ भी हो सकता है- गडकरी
जब उनसे पूछा गया कि अगर गठबंधन टूटता है तो क्या भाजपा सरकार बनाएगी, इस पर गडकरी ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो पार्टी आगे की रणनीति पर चर्चा करेगी। राजनीति और क्रिकेट में कभी भी कुछ भी हो सकता है।
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