
नई दिल्ली. दिल्ली के निजामुद्दीन में मरकज तब्लीगी जमात के जलसे से कोरोना का खतरा बढ़ गया है। इस बीच भाजपा नेता मनोज तिवारी ने कहा, निजामुद्दीन की घटना बहुत डराने वाली है। जिस बात का डर था वैसा ही समाचार आया है। जो लोग आए सभा किए वो भी बिना परमिशन लिए उनकी तह तक जांच होनी चाहिए। मुझे ये सामान्य घटना नहीं लग रही है इसके पीछे कोई बहुत बड़ी साजिश है।
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली पुलिस पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह ने कहा, 23 मार्च को रात 12 बजे मैंने डीसीपी साउथ ईस्ट और एसीपी निजामुद्दीन को बता दिया था कि निजामुद्दीन मरकज में 1000 के आस पास लोग फंसे हुए हैं, फिर पुलिस ने इनको भेजने का इंतजाम क्यों नही किया?
कर्नाटक से 45 लोग गए थे, सिर्फ 13 का पता लगा है
कर्नाटक सरकार ने पुष्टि की है कि 10 मार्च को नई दिल्ली के निजामुद्दीन में मरकज तब्लीगी जमात में राज्य के 45 लोगों ने भाग लिया था। लेकिन अभी तक सिर्फ 13 लोगों का पता लगाया जा सका है। कर्नाटक के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री बी श्रीरामुलु ने कहा, तुमकुर में रहने वाले 65 साल के व्यक्ति का 27 मार्च को निधन हो गया। वह तब्लीगी में शामिल था। कर्नाटक में अब तक कोरोना के 98 मामले सामने आ चुके हैं।
- असम सरकार के मुताबिक, दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात में राज्य से 299 लोग शामिल हुए थे। असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "हमने जिला प्रशासन को यह पता लगाने के लिए कहा है कि जो लोग निजामुद्दीन गए थे, क्या सभी लोग वापस आ गए हैं, इसका पता लगाए।
11 राज्यों से आए लोग हुए थे शामिल
निजामुद्दीन में जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, असम, उत्तर प्रदेश, अंडमान निकोबार, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और तमिलनाडु से लोग आए थे।
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