
नई दिल्ली. दुनिया के 170 से ज्यादा देशों पर कोरोना का कहर जारी है। अब तक करीब 8800 लोगों की मौत हो चुकी है। हाल ही में वुहान में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने दुनियाभर की महिलाओं को चिंता में डाल दिया। यहां एक कोरोना संक्रमित महिला के 36 घंटे का नवजात भी पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद से प्रेग्नेंट महिलाओं के मन में यह डर है कि क्या कोरोना वायरस के संक्रमण का असर गर्भ में पल रहे संतान पर भी पड़ सकता है।
चीन के प्रिवेंटिव मेडिसिन एसोसिएशन के रिसर्चर ल्यू जॉफेन के मुताबिक, अभी तक ऐसा एक भी मामला नहीं आया है। जहां कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला से उसके बच्चे में संक्रमण फैला हो। हालांकि, इस मामले में अभी भी वुहान में रिसर्च चल रही है और महिला से गर्भ में पल रही संतान में संक्रमण की संभावनाओं को पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता।
संक्रमण फैलने का अभी सामने नहीं आया कोई मामला
एक संक्रमित महिला से गर्भावस्था के दौरान प्रसव से पहले या प्रसव के दौरान भी बच्चे में खून के माध्यम से संक्रमण हो सकता है। लैंसेट ने 12 फरवरी को एक रिपोर्ट जारी की, इसमें 9 कोरोना संक्रमितृ गर्भवती महिलाओं पर अध्ययन किया गया, सभी जन्में बच्चे असंक्रमित पाए गए हैं।
यानी गर्भवती मां से बच्चे में संक्रमण फैलने का कोई मामला सामने नहीं आया है। डॉक्टरों के मुताबिक, संक्रमित महिलाओं से उनके नवजातों को 14 दिन के लिए अलग रखा गया। इस दौरान उन्हें ब्रेस्ट फीडिंग भी नहीं कराई गई।
ठीक हो रहा भारत में संक्रमित पहला बच्चा
भारत में पहला संक्रमित बच्चा अब ठीक हो रहा है। बच्चों में संक्रमण का यह पहला मामला केरल में पाया गया था। यह 7 मार्च को अपने माता पिता के साथ इटली से लौटा था। 9 मार्च को बच्चे की रिपोर्ट हुई थी तो वह संक्रमित पाया गया था। संक्रमित 3 साल का मासूम, जिसका इलाज चल रहा था, अब वह ठीक हो रहा है। मुख्यमंत्री पी विजयन ने बताया कि उसका पहला टेस्ट निगेटिव आया है। अभी और जांचोंं का इंतजार किया जा रहा है।
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