
नोयडा। राजधानी दिल्ली से सटे यूपी के हाईटेक शहर नोएडा में गुरुवार को एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया, जिसने हर किसी को हिला कर रख दिया। सेक्टर 142 के पास दो छोटे बच्चों को जिंदा लिए नाले में फेंक दिया गया था, लेकिन किस्मत से एक जेप्टो डिलेवरी ब्वाय ओमदीप (Zepto Delivery Boy Omdeep) वहां से गुजर रहा था। रोने की हल्की आवाज सुन उसने बाइक रोक दी और उसी आवाज ने दो मासूमों की जान बचा ली। इस घटना के बाद लोग सवाल पूछ रहे हैं-कौन था आरोपी? बच्चों को नाले में क्यों फेंका गया? और आखिर Zepto डिलीवरी मैन ने उन्हें कैसे बचाया? यह पूरी कहानी जितनी दर्दनाक है, उतनी ही मिस्ट्री और सस्पेंस से भरी हुई भी है।
नोएडा पुलिस के मुताबिक, यह कोई हादसा नहीं बल्कि एक सुनियोजित कोशिश थी। बच्चों की मां नीलम के सिक्योरिटी गार्ड पार्टनर आशीष (22) ने दोनों बच्चों को खुद नाले में फेंककर भाग गया था। उसका मकसद साफ था-वह नीलम के बच्चों को अपने साथ नहीं रखना चाहता था। SHO विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि आशीष और नीलम दोनों कानपुर के एक ही गांव के रहने वाले थे और एक-दूसरे को पहले से जानते थे। नीलम की शादी आशीष के कज़िन से हुई थी, लेकिन बाद में नीलम और आशीष में अफेयर शुरू हो गया। सच सामने आने पर आशीष नीलम और बच्चों को नोएडा ले आया, लेकिन बच्चों से उसकी नफरत बढ़ती चली गई। इसी नफरत के चलते उसने बच्चों को नोएडा सेक्टर 137 के पास 10 फीट गहरे नाले में फेंक दिया और भाग गया।
नोएडा में बुधवार की शाम एक ऐसी घटना सामने आई जिसने हर किसी को हिला कर रख दिया। यह कहानी सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं, बल्कि इंसानियत, बहादुरी और वक्त पर लिए गए सही फैसले की मिसाल है। सेक्टर 142 के पास एक 25 वर्षीय ज़ेप्टो डिलीवरी बॉय ओमदीप रोज़ की तरह अपना पार्सल देने जा रहा था। लेकिन उसी दौरान उसे कुछ ऐसा सुनाई दिया जो उसकी ज़िंदगी बदल देने वाला था-दो बच्चों की दर्दभरी चीखें। ओमदीप ने रुककर आवाज़ की दिशा में देखा और नाले के पास पहुंचा। वहां उसे 4 साल का एक लड़का और 3 साल की एक लड़की दिखाई दिए। दोनों नाले के अंदर थे, कांप रहे थे, डरे हुए थे और अगर 2–3 मिनट की भी देरी होती तो शायद दोनों की जान खतरे में पड़ सकती थी। ओमदीप ने बिना देर किए बच्चों को नाले से बाहर निकाला और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने ओमदीप की शिकायत पर जांच शुरू की और गुरुवार सुबह आशीष को नोएडा सेक्टर 142 मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने माना कि वह बच्चों को अपने साथ नहीं रखना चाहता था। इसलिए उसने मौका देखकर उन्हें नाले में फेंक दिया।
दोनों बच्चे सुरक्षित हैं और उन्हें नोएडा के एक डे-केयर सेंटर में रखा गया है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के चेयरमैन के अनुसार, बच्चों को शुक्रवार को बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
नोएडा पुलिस ने मामले में गंभीर धाराएं लगाई हैं- BNS 109(1): हत्या की कोशिश, BNS 93: 12 साल से कम उम्र के बच्चे को छोड़ देना। यह स्पष्ट दिखाता है कि घटना एक क्राइम है, कोई गलती या दुर्घटना नहीं।
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