
Pension for Emergency warriors: इमरजेंसी के दौरान जेल की यातना झेलने वाले सेनानियों को ओडिशा सरकार ने पेंशन देने का फैसला किया है। राज्य सरकार, आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले राज्य के सभी लोगों को पेंशन और सरकारी खर्च पर इलाज का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व वाली सरकार ने कहा कि आपातकाल के दौरान कांग्रेस की यातना झेलने वाले ओडिशावासियों को सरकार पेंशन और फ्री इलाज की सुविधा प्रदान करेगी।
ओडिशा सरकार ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि आपातकाल में जेल जाने वाले लोगों को 20 हजार रुपये महीना पेंशन दिया जाएगा। इसके अलावा उनके इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। गृह विभाग ने बताया कि 2 जनवरी को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आपातकाल में जेल गए लोगों को पेंशन देने का ऐलान किया था। इसे कैबिनेट में मंजूरी के बाद लागू कर दिया गया है। अधिसूचना के अनुसार, 1 जनवरी 2025 तक जीवित सभी लोगों को पेंशन और मेडिकल का पूरा भार सरकार उठाएगी। ओडिशा सरकार की अधिसूचना में यह कहा गया है कि आपातकाल के दौरान जो भी जेल गया है, कितने दिन जेल में रहा उसे दरकिनार करते हुए सभी को पेंशन दिया जाएगा।
25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक देश में आपातकाल लागू किया गया था। तत्कालीन इंदिरा गांधी की केंद्र सरकार ने आपातकाल लागू करने के बाद देश के विभिन्न राजनैतिक दलों, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं, नेताओं के अलावा पत्रकारों आदि को जेल में डाल दिया था। आपातकाल लागू किए जाने के बाद जेल जाने वाले लोगों को काफी दिनों तक जेल में ही रहना पड़ा था। आपातकाल में जेल गए लोगों को कई राज्यों में पेंशन मिलता है। उत्तर प्रदेश में भी आपातकाल में जेल जाने वालों को पेंशन दिया जाता है। तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इस पेंशन को लागू किया था जोकि अभी भी जारी है। यूपी में आपातकाल में जेल गए लोगों के नहीं रहने पर पारिवारिक पेंशन भी मिलता है।
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