
Maoist killed in Sukma: छत्तीसगढ़ के सुकमा में एक और माओवादी मारा गया है। मारे गए कथित माओवादी पर एक लाख रुपये का इनाम था। यह ऑपरेशन टोलनाई के जंगलों में हुआ। मारा गया कथित माओवादी 16 मामलों में वांटेड था।
दरअसल, सुरक्षा बलों को यह इनपुट मिली कि टोलनाई के जंगलों में 15-20 माओवादी मौजूद हैं। इन माओवादियों में कोंटा एरिया कमेटी के सचिव वेट्टी मंगडू और एरिया कमांडर-इन-चीफ हितेश सहित कई अन्य सीनियर माओवादी नेताओं के होने की सूचना थी। इसी आधार पर ऑपरेशन शुरू किया गया। एक अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ सुबह करीब साढ़े छह बजे पोलमपल्ली थाना क्षेत्र के बंजारपारा गांव के पास जंगल में हुई।
ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों और पुलिस के बीच करीब आधा घंटा तक गोलीबारी हुई। चारों ओर से खुद को घिरता देख माओवादी जंगल में भाग निकले।
पुलिस टीम के सर्च में मिला एनकाउंटर वाली जगह एक शव
एनकाउंटर वाली जगह का सर्च करने पर ऑपरेशन चलाने वाली टीम को एक माओवादी का शव मिला। उसके पास से बंदूक, एक टिफिन बम, तीन जिलेटिन छड़ें, आईईडी, दो कॉर्डेक्स तार, माओवादी वर्दी और डेली यूज के सामान मिले।
टीम ने बताया कि माओवादी की पहचान दूधी हुंगा (35) के रूप में हुई है। वह माओवादियों की कोंटा एरिया कमेटी में आरपीसी (रिवोल्यूशनरी पीपुल्स कमेटी) के मिलिशिया कमांडर के रूप में सक्रिय था। पुलिस के अनुसार, हुंगा सुकमा जिले के तीन पुलिस स्टेशन्स का वांटेड था। उस पर यहां करीब 16 केस दर्ज थे। पुलिस ने एक लाख रुपये उस पर इनाम घोषित कर रखा था।
अबतक 105 नक्सली मारे गए
एंटी नक्सल ऑपरेशन में इस साल छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग एनकाउंटर्स में 105 नक्सलियों को मार गिराया है। 10 मई को बीजापुर जिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में 12 माओवादी मारे गए, जबकि 30 अप्रैल को नारायणपुर और कांकेर जिलों की सीमा के पास एक जंगल में तीन महिलाओं सहित 10 को मार गिराया गया। 16 अप्रैल को राज्य के कांकेर जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 29 माओवादी मारे गये।
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