
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में इस बार हुई भारी बारिश की वजह से आने वाले महीनों में प्याज की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। 80 प्रतिशत से ज़्यादा प्याज की फसल बर्बाद होने से अगले कुछ महीनों में प्याज की भारी किल्लत होना तय है। बारिश कम होने पर सरकार किसानों से खेती शुरू करने के लिए कह रही है, लेकिन किसान तैयार नहीं हैं, जो एक बड़ी चुनौती है।
किसानों का कहना है कि पिछली बार इस समय कीमत चार से पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल थी। अब अच्छी क्वालिटी के लिए 900 रुपये तक ही मिल रहे हैं। अगर हमें आठ रुपये प्रति किलो का भाव मिलेगा तो हम खेती कैसे करेंगे? यह तो घाटा है। खेती की लागत ज़्यादा है और हमारे पास इतना पैसा नहीं है। आमतौर पर जब पैदावार कम होती है तो कीमतें बढ़ जाती हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। लगातार हुई बारिश ने सारा खेल बिगाड़ दिया।
केरल समेत दक्षिण भारत के राज्यों में ज़्यादातर प्याज नासिक से आता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अकेले यहीं पांच लाख एकड़ से ज़्यादा प्याज की फसल बर्बाद हो गई है। इससे दो लाख से ज़्यादा किसान संकट में हैं। बोई गई फसल का 80 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सा नष्ट हो गया है। किसान यकीन से कह रहे हैं कि भविष्य में प्याज की किल्लत होगी। इसका असर सिर्फ महाराष्ट्र पर ही नहीं, बल्कि केरल जैसे कई राज्यों पर भी पड़ेगा। महाराष्ट्र सरकार इस समस्या को हल करने के लिए तुरंत खेती शुरू करने की मांग कर रही है, लेकिन किसान आंकड़ों के साथ अपनी बात पर अड़े हुए हैं।
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