3,862 फुट ऊंचाई पर जमी हुई पैंगोंग त्सो झील पर 21km हाफ मैराथन ' गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' में दर्ज

Published : Feb 21, 2023, 10:26 AM ISTUpdated : Feb 21, 2023, 10:27 AM IST
Pangong Lake records a temperature Ladakh sets Guinness world record

सार

लद्दाख ने जीरो से नीचे तापमान में 13,862 फुट ऊंचे पैंगोंग त्सो(Pangong Tso) में 21 किलोमीटर लंबी दौड़ का सफल आयोजन कर एक इतिहास रच दिया है। यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुनिया की सबसे ऊंची जमी हुई झील हाफ मैराथन के रूप में दर्ज हुई है।

लेह/जम्मू(Leh/Jammu). केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख ने जीरो से नीचे तापमान(sub-zero temperature) में 13,862 फुट ऊंचे पैंगोंग त्सो(Pangong Tso) में 21 किलोमीटर लंबी दौड़ का सफल आयोजन कर एक इतिहास रच दिया है। यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुनिया की सबसे ऊंची जमी हुई झील हाफ मैराथन(world's highest frozen lake half marathon) के रूप में दर्ज हुई है। पढ़िए पूरी डिटेल्स..

1. भारत और चीन की सीमा पर फैली 700 वर्ग किलोमीटर की पैंगोंग झील सर्दियों के दौरान माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड करती है, जिससे खारे पानी की झील बर्फ से जम जाती है।

2. लेह डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमिश्नर श्रीकांत बालासाहेब सुसे ने बताया कि सोमवार(20 फरवरी) को चार घंटे लंबी मैराथन लुकुंग से शुरू हुई और मान गांव में समाप्त हुई। इसमें 75 प्रतिभागियों में से किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

3.लोगों को जलवायु परिवर्तन(climate change) और हिमालय को बचाने की आवश्यकता के बारे में याद दिलाने के लिए 'लास्ट रन' के रूप में पहचानी जानी वाली मैराथन का आयोजन एडवेंचर स्पोर्ट्स फाउंडेशन ऑफ लद्दाख (ASFL) द्वारा लद्दाख ऑटोनोमस हिल डेवलपेंट काउंसिल, टूरिज्म डिपार्टमेंट के अलावा लद्दाख और लेह डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन के सहयोग से किया गया था।

4.सुसे ने कहा, "पहला पैंगोंग फ्रोजन लेक हाफ मैराथन अब आधिकारिक रूप से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है।"

5.उन्होंने कहा कि खेलों के जरिये स्टॉक होल्डर्स के बीच इकोलॉजिकल अवेयरनेस का मैसेज फैलाने के अलावा, मैराथन का उद्देश्य पूर्वी लद्दाख के सीमावर्ती गांवों में स्थायी शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देना भी है। यह विशेष रूप से सर्दियों में यहां के निवासियों के लिए आजीविका के अवसर पैदा करता है, जो केंद्र सरकार दके 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' का हिस्सा है।

6.मैराथन को चीफ एग्जिक्यूटिव काउंसलर LAHDC(लेह) ताशी ग्यालसन ने झंडी दिखाकर रवाना किया था। मोबाइल एंबुलेंस के साथ-साथ एनर्जी ड्रिंक्स, मेडिकल टीम और ऑक्सीजन सपोर्ट सहित मार्ग के साथ पांच एनर्जी स्टेशन स्थापित किए गए थे।

7.जिला विकास आयुक्त ने कहा कि सभी प्रतिभागियों ने जिला प्रशासन द्वारा तय की गई एसओपी के अनुसार छह दिनों तक यानी-चार दिन लेह में और दो पैंगोंग में मौसम के अनुरूप ढलने का काम किया। प्रतिभागियों का मेडिकल एग्जामिनेशन भी किया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे दौड़ने के लिए फिट हैं।

8.सुसे ने कहा कि मार्ग के सभी मेडिकल सेंटर्स किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए ट्रेंड पर्सनल्स और इक्विपमेंट्स से लैस थे। इस कार्यक्रम को मेडिकल इमरजेंसीज और लॉजिस्टिक्स के मामले में भारतीय सेना और आईटीबीपी से एक्टिव सपोर्ट मिला।

9. रनर्स की सेफ्टी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश डिजास्टर रिस्पांस फोर्स के कर्मियों और लद्दाख माउंटेन गाइड एसोसिएशन के कर्मियों को मार्ग पर तैनात किया गया था। अधिकारी ने कहा कि उचित निरीक्षण और बर्फ की जमी हुई परत के आकार के बाद मार्ग तय किया गया था।

10. सुसे ने कहा कि प्रतिभागियों को बर्फ पर फिसलने से बचाने के लिए सुरक्षा उपकरण पहनने के बाद ही दौड़ने दिया गया था।

11.आयोजन के सफल समापन के बाद रनर्स को पदक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि पुरुषों और महिलाओं दोनों वर्गों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को नकद पुरस्कार भी दिए गए।

12. सुसे ने कहा कि इस कार्यक्रम को 'हाईएस्ट एल्टीट्यूड फ्रोजन हाफ मैराथन' के रूप में दर्ज किया गया था। इस अवसर पर एलएएचडीसी लेह और एएसएफएल को गिनीज अधिकारियों द्वारा एक प्रमाण पत्र जारी किया गया।

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