
नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर में सिक्योरिटी फोर्सेज के दवाब में आकर आतंकवादी टार्गेट किलिंग कर रहे हैं। यह बात केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कही है। उन्होंने दावा किया कि जब भी कोई बदलाव होता है, तो ऐसी टार्गेट किलिंग होती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण होते हुए कहीं भी हो सकती हैं और किसी भी धर्म या विचारधारा के लोगों को प्रभावित कर सकती हैं। पढ़िए और क्या बोले केंद्रीय मंत्री?
1. एक इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस तरह की साफ्ट और टार्गेट किलिंग भी इस बात का संकेत हैं कि आतंकवादी भाग रहे हैं, क्योंकि उन पर बहुत दबाव है।
2. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आज न बाजार बंद रहते हैं, न पथराव होता है, न बच्चों के खाने की कमी होती है। आज आतंकवादी भाग रहे हैं और उन पर सुरक्षा बलों का काफी दबाव है।
3. सिंह ने कश्मीर की मौजूदा स्थिति का जिक्र करते हुए कहा, "यह दर्शाता है कि लोग मुख्यधारा में वापस आ रहे हैं। जब लोग मुख्यधारा में लौटने लगते हैं, तो ऐसी घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं।"
4. उधमपुर से सांसद जितेंद्र सिंह ने कहा कि लोग यह समझने लगे हैं कि कश्मीरी पंडितों के पलायन से कश्मीर घाटी प्रभावित हुई है।
5. सिंह ने दो टूक कहा कि कश्मीरी पंडित समुदाय, जो टार्गेट किलिंग के शिकार हैं, ने कभी नहीं कहा कि वे घाटी में वापस नहीं लौटेंगे या नहीं लौट सकते। उन्होंने केवल इतना कहा कि उन्हें बेस्ट फेसिलिटीज दी जानी चाहिए।
6. बता दें कि आतंकवादियों द्वारा टार्गेट किलिंग के बाद एक स्पेशल गवर्नमेंट प्रोजेक्ट के तहत घाटी में कार्यरत कई कश्मीरी पंडित पिछले साल वापस जम्मू चले गए और अपने ट्रांसफर की मांग की।
7. इससे पहले सरकार ने संसद को सूचित किया था कि 2019 में जुलाई 2022 तक आर्टिकल 370 के कैंसल होने के बाद से जम्मू-कश्मीर में पांच कश्मीरी पंडितों और 16 अन्य हिंदुओं और सिखों सहित 118 नागरिक मारे गए थे।
8. जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कब होंगे? इस सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि उनके लिए इस विषय पर कुछ भी कहना सही नहीं होगा। "चुनाव कब, कितने फेज में, कितने समय में होंगे...यह चुनाव आयोग के दायरे में है।"
9. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जहां तक उनकी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बात है, तो वह चुनावों के लिए तैयार है, चाहे वह नगरपालिका चुनाव हों, राज्य चुनाव हों या लोकसभा चुनाव हों।
10. इस बीच पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने विदेश मंत्री एस.जयशंकर को लेटर लिखकर पासपोर्ट के लिए हस्तक्षेप की मांग की है। महबूबा ने कहा कि वह अपनी 80 साल की मां को हज के लिए मक्का ले जाना चाहती हैं लेकिन तीन साल से उनके पासपोर्ट का इंतजार है। उनकी बेटी को हायर एजुकेशन के लिए विदेश जाना है, उसके भी पासपोर्ट को जारी नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट का रिन्यूवल काफी दिनों से लंबित है और जम्मू-कश्मीर सीआईडी ने एक प्रतिकूल रिपोर्ट दी है कि उन्हें यात्रा दस्तावेज जारी करने से राष्ट्रीय सुरक्षा कमजोर होगी। क्लिक करके पढ़ें पूरी डिटेल्स...
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