महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हर जिम्मेदार जिस तक पहुंचने को कहा गया पहुंच चुकी हूं लेकिन उनका और उनके पूरे परिवार का पासपोर्ट लंबित है।

PDP Chief letter of EAM: पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने विदेश मंत्री एस.जयशंकर को लेटर लिखकर पासपोर्ट के लिए हस्तक्षेप की मांग की है। महबूबा ने कहा कि वह अपनी 80 साल की मां को हज के लिए मक्का ले जाना चाहती हैं लेकिन तीन साल से उनके पासपोर्ट का इंतजार है। उनकी बेटी को हायर एजुकेशन के लिए विदेश जाना है, उसके भी पासपोर्ट को जारी नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट का रिन्यूवल काफी दिनों से लंबित है और जम्मू-कश्मीर सीआईडी ने एक प्रतिकूल रिपोर्ट दी है कि उन्हें यात्रा दस्तावेज जारी करने से राष्ट्रीय सुरक्षा कमजोर होगी।

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तीन साल से देरी होने पर लिखा विदेश मंत्री को लेटर

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मैं आपको एक ऐसे मामले के बारे में लिख रहा हूं, जो पिछले तीन वर्षों से अनावश्यक रूप से घसीटा गया है। जम्मू-कश्मीर सीआईडी ने एक प्रतिकूल रिपोर्ट दी कि मेरी 80 वर्षीय मां और मुझे पासपोर्ट जारी करना राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करेगा। जम्मू-कश्मीर में नियमों का दुरुपयोग करके पत्रकारों, छात्रों और अन्य हजारों लोगों के पासपोर्ट आवेदनों को मनमाने ढंग से खारिज करना एक आदर्श बन गया है। राष्ट्रीय हित का बहाना बनाकर बेवजह लोगों को परेशान किया जा रहा है। महबूबा ने लेटर में बताया कि वह जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट में भी गई। कोर्ट ने भी तीन साल से बेवजह पासपोर्ट लंबित होने पर ऐतराज जताते हुए श्रीनगर के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को सीआईडी के मुखपत्र के रूप में काम करने पर फटकार लगाया गया। हाईकोर्ट ने भी कहा कि अस्पष्ट वजहों से पासपोर्ट रिन्यूवल लंबित नहीं रखा जा सकता।

उन्होंने बताया कि उनको भारतीय पासपोर्ट प्राधिकरण से संपर्क करने के लिए कहा गया था। वह 2021 के बाद से कई बार इंडियन पासपोर्ट अथॉरिटी सेभी संपर्क की। लेकिन वहां भी कोई पॉजिटिव रिस्पांस नहीं मिला।

मेरा पासपोर्ट न जारी करना अधिकारों का उल्लंघन...

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हर जिम्मेदार जिस तक पहुंचने को कहा गया पहुंच चुकी हूं लेकिन उनका और उनके पूरे परिवार का पासपोर्ट लंबित है। उनकी बेटी इल्तिजा को पासपोर्ट जारी करने में भी देरी की जा रही है जिसे देश से बाहर हॉयर स्टडीज के लिए जाना है। पीडीपी नेता ने कहा कि उनकी बेटी इल्तिजा ने जून 2022 में अपने पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था। उनका आवेदन भी अधर में है और ऐसा लगता है कि श्रीनगर में पासपोर्ट कार्यालय एक बार फिर अपना कर्तव्य निभाने में विफल हो रहा है।

उन्होंने लिखा कि पिछले तीन वर्षों से अपनी मां को मक्का की तीर्थ यात्रा पर ले जाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही हूं,एक बेटी के रूप में मैं क्षुद्रता के कारण इतनी सरल इच्छा को पूरा करने में असमर्थ होने के लिए दर्द और पीड़ा महसूस करती हूं। उन्होंने विदेश मंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा, "मैं आपको इस उम्मीद में लिख रही हूं कि आप इस मामले पर तुरंत गौर करेंगे।"

उन्होंने कहा कि पासपोर्ट जारी नहीं करना उनके अधिकारों का उल्लंघन है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर एक संवैधानिक पद पर रहने वाली मुझ जैसी महिला का इस विशाल लोकतांत्रिक देश में मूल अधिकारों का निलंबन कर इतनी बेशर्मी और अवमानना की जा रही है तो कोई कल्पना भी नहीं कर सकता कि एक सामान्य कश्मीरी क्या कर रहा है।

इल्तिजा ने हाईकोर्ट में लगाई गुहार

पिछले हफ्ते इल्तिजा ने पासपोर्ट जारी करने के लिए हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। याचिका में इल्तिजा की ओर से बताया गया कि उन्हें देश के बाहर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए यात्रा दस्तावेज की तत्काल आवश्यकता है। 35 वर्षीय इल्तिजा ने बताया कि उसका पासपोर्ट दो जनवरी को समाप्त हो गया था और उसने पिछले साल आठ जून को नए पासपोर्ट के लिए अग्रिम रूप से आवेदन किया था। जबकि मार्च 2021 में जम्मू और कश्मीर पुलिस द्वारा प्रतिकूल रिपोर्ट का हवाला देने के बाद महबूबा और उनकी मां को पासपोर्ट देने से मना कर दिया गया था। महबूबा का पासपोर्ट 31 मई 2019 को समाप्त हो गया था और उन्होंने अगले साल 11 दिसंबर को नए पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। महबूबा मुफ्ती की मां, पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की पत्नी ने 2020 में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। महबूबा की मां ने सऊदी अरब हज के लिए जाने के इच्छा जताते हुए पासपोर्ट का आवेदन किया था।

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