मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की 'मिसिंग लिंक' टनल में कैमरे में कैद हुआ मौत का खौफनाक मंजर। फॉर्च्यूनर की तेज़ रफ्तार ने टेम्पो को उड़ा दिया। एक की मौत, छह घायल... आखिर CCTV ने क्या-क्या खोल दिए राज?
मुंबई: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' सेक्शन में शुक्रवार तड़के हुआ एक भीषण सड़क हादसा कैमरे में कैद हो गया। वायरल CCTV फुटेज में दिख रहा है कि तेज़ रफ्तार फॉर्च्यूनर SUV पीछे से एक टेम्पो से टकराती है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टेम्पो हवा में उछल गया और दोनों वाहन पलट गए। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। इस घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर तेज़ रफ्तार के खतरे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CCTV में कैद हुआ हादसे का सबसे खौफनाक पल
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मुंबई की ओर जा रही फॉर्च्यूनर तेज़ रफ्तार में टेम्पो से पीछे टकराती है। टक्कर के बाद टेम्पो कई फीट तक उछलता है और दोनों वाहन सड़क पर पलट जाते हैं। कुछ ही सेकेंड में एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच जाती है।
चीख-पुकार के बीच पहुंची रेस्क्यू टीम
हादसे के तुरंत बाद MSRDC की एम्बुलेंस और लोनावला पुलिस की बचाव टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने बताया कि मृतक तुषार भुमकर (35), जो वाकड के रहने वाले थे और जिनकी पत्नी कांग्रेस के टिकट पर निकाय चुनाव लड़ चुकी हैं, कार में ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे थे। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कार सवार चार अन्य यात्रियों और टेम्पो के ड्राइवर व क्लीनर को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया। पुलिस की तत्परता से मार्ग पर ट्रैफिक बाधित नहीं होने दिया गया।
कौन था हादसे में जान गंवाने वाला शख्स?
पुलिस के अनुसार, हादसे में वाकड निवासी 35 वर्षीय तुषार भुमकर की मौत हुई। वह SUV में ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे थे। SUV में सवार चार अन्य लोगों के अलावा टेम्पो के ड्राइवर और क्लीनर को भी चोटें आई हैं। सभी घायलों का इलाज जारी है।
क्या तेज़ रफ्तार ही बनी मौत की वजह?
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने तेज़ रफ्तार को हादसे का प्रमुख कारण माना है। कार चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हादसे की विस्तृत जांच कर रही है।
'मिसिंग लिंक' टनल पर फिर उठे सुरक्षा के सवाल
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का 'मिसिंग लिंक' सेक्शन पहले भी तेज़ रफ्तार को लेकर चर्चा में रहा है। हाईवे अधिकारियों की लगातार चेतावनी के बावजूद कई वाहन चालक इस हिस्से में निर्धारित गति सीमा का पालन नहीं करते। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और स्पीड कंट्रोल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि राहत की बात यह रही कि दुर्घटना के बावजूद एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक लंबे समय तक बाधित नहीं हुआ।


