मध्य प्रदेश के सागर जिले में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की जान चली गई है। घूघर और नौराज समेत आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया है।पोस्टमार्टम में 7 मृतकों के शरीर में मिथाइल मिला। प्रशासन ने 7 शराब दुकानें सील कर जांच तेज की।

Sagar Liquor Tragedy: मध्य प्रदेश के सागर जिले में संदिग्ध जहरीली शराब पीने के बाद कई लोगों की मौत से हड़कंप मच गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बंडा इलाके के अलग-अलग गांवों से जुड़े करीब 9 लोगों की मौत हुई है। कई अन्य लोगों के बीमार होने की भी खबर है। प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच कर रही हैं। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने शनिवार रात शराब पी थी। इसके कुछ समय बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कई लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। हालांकि शुरुआत में मौतों के पीछे जहरीली शराब की आशंका जताई गई थी, लेकिन जांच पूरी होने से पहले इसे अंतिम कारण मानना ठीक नहीं था। पुलिस और प्रशासन ने भी मौत की सही वजह पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होने की बात कही थी।

Sagar Hooch Tragedy: अलग-अलग गांवों में बिगड़ी लोगों की तबीयत

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बंडा क्षेत्र के घूघर, नौराज, बाराज और आसपास के इलाकों में रहने वाले कुछ लोगों ने शनिवार रात शराब पी थी। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। परिजनों ने उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। कुछ मामलों में हालत इतनी बिगड़ गई कि इलाज के दौरान ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस सक्रिय हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारी प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटा रहे हैं। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि सभी लोगों ने एक ही जगह से शराब खरीदी थी या अलग-अलग स्रोतों से।

जहरीली शराब या कुछ और? पोस्टमार्टम से खुलेगा राज

मौतों का वास्तविक कारण पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अधिकारियों की जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि मृतकों ने आखिर कौन-सी शराब पी थी और वह कहां से आई थी। बाद की जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर 7 मौतों में मृतकों के शरीर में मिथाइल पाए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन ने दो गांवों की 7 शराब दुकानों को भी सील किया है। ऐसे में जांच अब सिर्फ मौतों की वजह तक सीमित नहीं है। पुलिस और प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि कहीं इलाके में अवैध या मिलावटी शराब की सप्लाई तो नहीं हो रही थी।

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Illegal Liquor Network की भी जांच

घटना के बाद अवैध शराब के कारोबार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि जिन लोगों की तबीयत खराब हुई, उनके बीच कोई कनेक्शन था या नहीं। अगर सभी ने एक ही स्रोत से शराब खरीदी थी, तो जांच उस सप्लाई चेन तक पहुंच सकती है। प्रशासन इस बात की भी पड़ताल कर रहा है कि शराब कहां बनाई गई, किसने बेची और इसे पीने के बाद इतनी तेजी से लोगों की तबीयत क्यों बिगड़ी। अधिकारियों ने फिलहाल मामले की जांच जारी रहने की बात कही है। इलाके में और लोगों के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

Gujarat Hooch Tragedy से भी जुड़ता है मामला

सागर की घटना ऐसे समय सामने आई है जब हाल ही में गुजरात के भावनगर में भी जहरीली शराब ने बड़ी तबाही मचाई थी। वहां मेथनॉल मिले नकली शराब के सेवन से 13 लोगों की मौत हुई थी। जांच में सामने आया कि शराब में 38.59 फीसदी मेथनॉल था। भावनगर मामले में पुलिस ने शुरुआत में 21 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और बाद में गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ती गई। जांच में नकली IMFL बोतलों, कच्चे माल और शराब की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का भी खुलासा हुआ। गुजरात में शराबबंदी लागू होने के बावजूद यह मामला अवैध शराब के नेटवर्क की गंभीरता सामने लाया था। सागर की घटना ने एक बार फिर मिलावटी और अवैध शराब की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल सागर प्रशासन की जांच का फोकस मौतों की वास्तविक वजह, शराब के स्रोत और संभावित अवैध सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने पर है।